द्वारापेक्षण!
द्वारापेक्षण To wait at the door to offer food to any recipient (saint etc.). आहार दान के लिए द्वार पर पात्र की राह देखते हुए खड़े होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वारापेक्षण To wait at the door to offer food to any recipient (saint etc.). आहार दान के लिए द्वार पर पात्र की राह देखते हुए खड़े होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुप्तफल्गु A chief disciple of lord Rishabhadeva. ऋषभदेव भगवान के चौरासी गणधरों में एक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दातार Donator of food, medicines etc. श्रद्धा, भक्ति, संतोष आदि 7 गुणों के साथ आहार आदि दान करने वाला। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुतार्थ – Bhutartha. Another name of Makshmarga ‘Panth of salva-tion’. निश्चय नय, मोक्षमार्ग का अपरनाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्रतिपक्षी प्रकृति – Sapratipaksee Pakriti. Karmic nature with their opposite nature. जिन कर्म प्रकृतियों की प्रतिपक्षी कर्म प्रकृति मौजूद हो-साता वेदनीय, असाता वेदनीय, तीनों वेद, हास्यादि चार, एकेन्द्रियादि 5 जातियां, 6 संस्थान, 6 संहनन, 4 आनुपर्वी, 4 गति, औदारिक-वैक्रियिक दो शरीर तथा दोनो के दो अंगोपांग, दो गोत्र त्रसादि 10 युगल और दो विहायोगति…
आर्वतनता Turning motion, Rotation, Limited modification. आर्वत करना, चारों ओर घूमना सीमित परिणाम या परिणाम या परिर्तन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ग्रीवाधोनयन An infraction in the posture of meditation-bending of head downward. कायोत्सर्ग का एक अतिच्चार-ग्रीवा को नीचे की तरफ झुकाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्तक्षेत्र – Saptaksetra. Seven regions of Jambudvip (Island) – Bharat, Haimvat, Hari, Videh, Ramyak, Hairanyavat & Eravat Kshetra. जम्बूद्वीप के भरत, हैमवत, हरि, विदेह, रम्यक्, हैरण्यवत एवं ऐरावत क्षेत्र।
उत्सर्गलिंग Form of unclothedness (of Digambar Jaina saints). जैन साधु का द्रव्य (दिगम्बर) लिंग।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ग्राह्य वर्गणा Acceptable aggregate of Karmic molecules. ग्रहण करने योग्य पुद्गल कर्म वर्गणा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]