भक्तकथा!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तकथा – Bhaktakatha. Conversation describing about delicious food. विकथा का एक भेद – भोजन कथा; अनेक प्रकार के अशन पान (भोजन) संबंधी गुणदोषों की वार्ता में लिप्त रहना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्तकथा – Bhaktakatha. Conversation describing about delicious food. विकथा का एक भेद – भोजन कथा; अनेक प्रकार के अशन पान (भोजन) संबंधी गुणदोषों की वार्ता में लिप्त रहना “
एकपदार्थस्थित्व Contents of a matter, Unified, Indistinct. महासत्ता की अवान्तर सत्ता अर्थात् सर्वपदार्थ स्थित्व का सप्रतिपक्ष धर्म।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाड़ी – Nari Pulse, Nerve, measurment unit of time. देहस्थित शिरा. समय का एक मापन ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावलिंग (वेद) – Bhavalinga (Veda). Thoughts due to partial passion. जिसकी स्तिति नोकषाय के उदय से प्राप्त होती है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुक्तागिरी(तीर्थ)–Muktagiri (Tirtha). Name of a Digambara Jaina place of pilgrimage in Baitul dist. Of Madhya Pradesh from where three and a half crore Munis (saints) got salvation. It’s another name is Medhagiri. मध्य प्रदेश में स्थित सिद्धक्षेत्र; यहा सेसाढ़े तीनकरोड़ मुनि ‘ मोक्ष’ पधारे है, इसेमेढ़ागिरी भी कहते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुन्नात संघ – Punnata Samgha. A group of Acharyas formed by Acharya Arhadvali. आचार्य अर्हव्दलि द्वारा स्थापित मुनियों के एक संघ का नाम “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र पाहुड–Mishra Paahud. Gift with animate and inanimate object. प्राभृत; स्वर्ण के साथ हाथी और घोड़े का उपहार रूप से भेजना”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मिश्र मोहनीय–Mishra Mohneeya. See – Mishra Prakrati. देखे– मिश्र प्रकृति”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेघचंद्र–Meghachndra. Name of many Jain Acharyas. कई जैनाचार्य के नाम” नंदिसंघ बलात्कार गण में माणिक्य नंदी के शिष्यतथा शांति कीर्ति के गुरु (समय–शक601–627). नंदिसंघदेशीयगण में सकलचन्द्र के शिष्य वीरनंदी तथाशुभचंद्र के गुरु (समय– ई. 1020–1110)”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुद्गल विपाकी कर्म प्रकृति – Pudgala Vipaki Karma Prakrti. A type of Karmic nature, result of which is related to the body of one (these are 62 in number). जिस कर्म का फल पुद्गल (शरीर) में होता है ऐसी ६२ कर्म प्रकृतियाँ पुद्गल विपाकी हैं “