चर्या परीषह!
चर्या परीषह Observance affliction, walking penance etc. कठिन तपस्या के साथ चर्या करना . चलते समय थकान , तीक्ष्ण कांटे आदि की पीड़ा को सहन करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चर्या परीषह Observance affliction, walking penance etc. कठिन तपस्या के साथ चर्या करना . चलते समय थकान , तीक्ष्ण कांटे आदि की पीड़ा को सहन करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मधुसेना – Madhusena. Name of the chief Aryika (Ganini) in the Samavasharan (assembly) of Lord Mallinath. मल्लिनाथ भगवान के समवशरण की गणिनी आर्यिका का नाम ( अपरनाम – बंधुषेणा ) “
चम्पा A city in the north of Vijayardh mountain, A variety of flower. विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, एक फूल का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मदना – Madana Name of a river of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरत क्षेत्र आर्यखंड की एक नदी “
उत्तरप्रकृति विपरिणमना Transition of secondary karmic nature. सत् का अवस्थान्तर की प्राप्ति करना जो प्रकृति देश या सर्व संक्रमण के द्वारा अन्य प्रकृति में संक्रमण को प्राप्त करायी जाये।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धोपयोगी – Shuddhopayogi. A saint engrossed in pure soul i.e. in absolute meditation. शुद्धोपयोगसहित साधू या वीतराग स्वसंवेदन सहित जीव ” निश्चय रत्नत्रय से युक्त वीतरागी श्रमण “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मतार्थ – Matarth. A method of the exposition of right scriptures (Agam) by refuting the contradictory principles. आगम का अर्थ करने की 5 विधियों में एक विधि ; अन्यमत का निराकरण करते हुए अर्थ निकलना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मजीरा – Majira. Cymbals; an auspicious article kept near the idol of Lord Jinendra. जिनेन्द्र भगवान के पास सुशोभित दिव्य 108 उपकरणों में एक – झांझ, मंजीरा “
उत्तरचर हेतु Something causing accomplishment of the past in present. पूर्व में जो हो गया है उसकी वर्तमान में सिद्धि करने वाला हेतु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]