त्रिपर्व!
त्रिपर्व A type of knowledge of medicines. एक औषधी विद्या। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिपर्व A type of knowledge of medicines. एक औषधी विद्या। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उदयावली A smallest time unit related to fruition of Karmas. वर्तमान समय से लेकर आवली मात्र काल तक उदय आने योग्य कर्मों के निषेक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर प्रणाम जीव – Sharera Sranaama Jeeva. Occupancy of soul-points according to the shape of the body. जीव का संकोच विस्तार स्वभाव होने के कारण कर्म के निमित्त से मिले छोटे-बड़े शरीर की अवगाहना का होकर रहना अर्थात् स्वदेहप्रमाण होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर व्यपदेश:A kind of infraction of the vow of hospitality indirect donation.अतिथि संविभाग व्रत का एक अतिचार, दाता पात्र को स्वयं दान न देकर दूसरे से कहकर चला जावे ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पर वात्सल्य:Affection for others.वात्सल्य का एक भेद, दूसरों के प्रति प्रेम, करूणा का भाव रखना ।
आराधना सार A book written by ‘Acharya Devsen’. आचार्य देवसेन (वि.990-1012) द्वारा रचित एक चतुर्विध आराधना विषयक ग्रन्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्ध्यक्षर ज्ञान – पर्याय ज्ञान या सबसे जघन्य श्रुतज्ञान।इसे निरावरण ज्ञान भी कहते है यह सूक्ष्म निगोदिया लब्ध्यप्र्याप्तक जीव के उत्पन्न होने के पहले समय में होता है। Labdhyaksara Jnana-The lowest level of knowledge
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिसम्पन्न ऋशि – सम्यग्दर्षन प्राप्ति का एक निमित लब्धिसम्पन्न ऋशियो का दर्षन। Labdhisampanna Rsi-Super saints, visiting of whom is a cause of right faith