भोगलक्ष्मी!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगलक्ष्मी:Assests, Consumables, Luxuries. भोगसंपदा “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष उपयोग – Vishesha. Special consciousness. ज्ञानोपयोग या साकारोपयोग, जो सामान्य – विशेशात्म्क पदार्थो के आकार को ग्रहण करे अर्थात् ज्ञान पदार्थो को विशेष करके जानता है “
गर्हण Blaming self, Censuring self. निंदा ; सम्यग्दृष्टि , व्रती का अपने दोषों के प्रति निन्दन गर्हण करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवर – Vivara. The opening, cracks, holes, The big holes in the bottom of Lavan ocean celled as patal (Lower world). दरार, छिद्र, अंतराल, स्थान, अवकाश, लवण, समुद्र की तली में स्थित बड़े –बड़े खड, जिन्हें पाताल भी कहते हैं “
गान्धार(कूट) A summit of Shikhari mountain. शिखरी पर्वत पर स्थित एक कूट ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पूर्व स्थिति – Poorvasthiti. First state of Karmas. कर्मों की पहली स्थिति; अंतःकरण के द्वारा निषेकों की पंक्ति दो भागों में विभाजित हो जाती है पूर्व स्थिति और उपरितन स्थिति “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचारी – Brahmacari. A celibate. ब्रह्मचर्य व्रत को परिपूर्ण रूप से पालन करने वाला “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतरक्ता – Bhutarakta. Name of a female beloved divinity of a peripa-tetic deity ‘Pratirup’. एक व्यंतर इंद्र ‘प्रतिरूप’ की देवी का नाम “