झझावात!
झझावात Heavy rainy storm. जलवृष्टि सहित जो वायु बहती है उसे झांझावात कहते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
झझावात Heavy rainy storm. जलवृष्टि सहित जो वायु बहती है उसे झांझावात कहते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुजन पृच्छा आलोचना- आलोचना का एक दोा; आचार्य महाराज द्वारा दिये गये प्रायश्चित में अश्रद्धान करके वह योग्य है या अयोग्य ऐसा अन्य किसी से पूछना। Bahujana Prccha alocana- Disbelieving on the repentance given by an acharya (a fault)
धरणी The earth, Installation, A city in the north of Vijayardh (mountain), The name of the Ganini (chief Aryika) in the Samavasharan of Lord Shreyansnath. पृथिवी, स्थापना, प्रतिष्ठा,विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, श्रेयांसनाथ भगवान के समवशरण में गणिनी(मुख्य आर्यिका) का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलहद्दचरिउ- बलभद्र चरित्र विायक एक ग्रंथ। Balahaddacariu- Name of a book
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलभद्र- सुमेरु संबंधी नन्दन वन में स्थित एक प्रधान कूट व उसका स्वामी दव, सनत्कुमार स्वर्ग का 6ठां पअल व इन्द्रक, नारायण के बड़े भाई बलभद्र कहते है। Balabhadra- Name of a main summit and its ruling deity situated in nandan forest of Sumeru mountain name of the 6th patal (layer) & indra
ध The nineteenth consonant of Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का उन्नीसवाँ व्यंजन , इसका उच्चारण – स्थान दन्तमूल है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बारह- 12; 12 अंग रुप श्रुतज्ञान, 12 अनुप्रेक्षा आदि। Baraha- Twelve (12 part of scriptural knowledge etc)
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वापर संबंध – Purapara Sambandha. Mutual relationship. संबंध का एक भेद; परस्पर में संबंध या तालमेल होना “
हुण्डावसर्पिणी काल- असंख्यात अवसर्विणी- उत्सर्पिणी काल की शलाकाओं के बीत जाने पर प्रसिद्ध एक हुण्डावसर्पिणी आती है उसके चिन्ह है- विकलेन्द्रिय जीवो की उत्पत्ति अधिक होती है। इस काल में कल्प वृक्षों का अन्त और कर्मभूमि का व्यापार प्रारम्भ हो जाता है चक्रवर्ती की विनयभंग 58 ही श्लाका पुरुष उत्पन्न होते है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]