पद्मनंदि सैद्धातिक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मनंदि सैद्धातिक : An Acharya of Nandisamgh Deshiyagan Golacharya Branch. न्ंदिसंघ देशीवगण गोलाचार्य शाखा के एक आचार्य (ई0 श0 993.1043) का नाम ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मनंदि सैद्धातिक : An Acharya of Nandisamgh Deshiyagan Golacharya Branch. न्ंदिसंघ देशीवगण गोलाचार्य शाखा के एक आचार्य (ई0 श0 993.1043) का नाम ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्याभूषण भट्टारक – Vidyabhusana Bhattaraka. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंघ बलात्कारगण नागौर गद्दी के एक भट्टारका त्रिचतुर्विशति विद्यान के कर्ता “
चामर Name of the chief disciple of Lord Padmaprabhu. पद्मप्रभु भगवान के मुख्य गणधर का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम प्रोषधोपवास – Madhyam prosadhopvassa. A type of fasting – renunciation of all kind of food except water to be observed on Ashtami, chaturdashi. अष्टमी, चतुर्दशी के दिन जल को छोडकर शेष आहार का त्याग करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदार्थ: Substance, Matter. जिन पदों से अर्थ का बोध हो अर्थात वह जो द्रव्यमय, गुणमय व प्र्यायमय हो, 7 तत्वों में पुण्य-पाप मिलाने से पदार्थ 9 होते है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] य–Ya. The twenty sixth consonant of the Davanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का छब्बीसवाँ व्यंजन अक्षर इसका उच्चारण स्थान तालु है”
ग्रन्थकर्ता Basically chief disciple of Lord Arihant, Acharyas & general writers are called Granthkarta. मुख्या रूप से गणधर स्वामी एवं सामान्य रूप से ग्रन्थ का लेखन करने वाले आचार्य विद्वान को ग्रन्थकर्ता कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समता रहित – Samataa Rahita. Devoid of equanimity. साम्य भाव बिनाः वनवास, कायक्लेश आदि तप, अध्ययन, मौन आदि ये सब समता रहित श्रमण के निष्फल है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदनिक्षेप: Going forward step by step. Meaningful terms related to actuality in the lowest and highest states. एक-एक कदम बढाते हुए चलना पदनिपेक्ष कहलाता है। जो जघन्य और उत्कुष्ट पद विषयक निष्चय में ले जाता है। उसे पदनिक्षेप कहते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विहायोद्विक –Vihayodvika. A type of dyad pertaining to the praised & non-praised spatial movement. प्रशस्त और अप्रशस्त विहायोगति “