आरण(इन्द्र)!
आरण(इन्द्र) A type of deities of Aran heaven. कल्पवासी इन्द्रों का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आरण(इन्द्र) A type of deities of Aran heaven. कल्पवासी इन्द्रों का एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्विज Those twice-born (first by womb and another by sacraments). एक बार गर्भ से तत्पश्चात संस्कारों से (जिसमे तपश्चरण और शास्त्राभास संस्कारित किया जाता है) जन्म लेने वाले द्विज कहलाते हैं। वर्तमान में विशेष रूप से ब्राह्मण जाति के लिए प्रचलित शब्द। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
फलचारण ऋद्धि A type of super natural power of walking over the fruits without harming its insects. जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु फलों में रहने वाले जीवों को पीड़ा पहुंचाए बिना उनके ऊपर से चलने में समर्थ होते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरर्वर्त्यकर्म – Nirvartyakarma. New research by a performer, to produce something new. कर्ता के द्वारा जो पहिलें न हो ऐसा नवीन कुछ उत्पन्न किया जाना “
द्वादस व्रत 12 types of vows of householders. श्रावक के 12 व्रत 5 अणुव्रत , 4शिक्षाव्रत, 3 गुणव्रत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आस्रव त्रिभंगी A book on karmic theory, Hindi translation of which is done by Ganini Shri Gyanmati Mataji. कर्म सिद्धान्त विषयक एक ग्रन्थ । इसका हिन्दी अनुवाद गणिनी श्री ज्ञानमति माताजी कृत है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य हेतु – Bahya Hetu. External causes. बाहरी निमित या कारण ” जैसे – अन्य द्रव्यों के (बाह्याहेतुरूप) संयोग से आत्मा का रागदिरूप परिणमन होना “
आसुरी Pertaining to evil spirits, A type of low status deities. निम्न वृत्ति सहित नीच गति के देवों में एक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्मलनाथ – Nirmalanaatha. Name of the 16th predestined Tirthankar. भावीकालीन 16 वें तीर्थंकर का नाम (श्रीकृष्ण का जीव) “