प्रतिष्ठा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठा – मान-सम्मान होना, प्रतिश्ठाषास्त्रों में कथित विधि के अनुसार प्रतिमाओं की स्थापना। pratishtha – reputation, consecratory installation of lord idols, consecration festival.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिष्ठा – मान-सम्मान होना, प्रतिश्ठाषास्त्रों में कथित विधि के अनुसार प्रतिमाओं की स्थापना। pratishtha – reputation, consecratory installation of lord idols, consecration festival.
उपबृंहण Strengthening faith, Development of one’s spiritual qualities. उत्तमक्षमादि भावनाओं के द्वारा आत्मगुणों की वृद्धि करना। अपरनाम उपगूहन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेश बंध- बंधने वाले कर्मो की संख्या। pradesha bamdha – the number of karmic molecules or karma varganas which attach to the soul.
उपयोग (शुभ) Gracious attention. दया दान पूजा व्रत शील आदि रुप रागरुप परिणाम होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचन प्रभावना- आगम के अर्थ का कीर्ति विस्तार या वृद्धि करना। Pravacanaprabhavana- Glorification of scriptures or sermons
उपपादसभा Hall of genesis (origin) . कल्पवासी देवों के चैत्यालय में सुधर्मा सभा के ईशान दिशा में उपपाद सभा है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोग- मन वचन एवं काय रुप योगों को प्रयोग शब्द से ग्रहण किया जाता है। Prayoga – Application (use), effort, experiment
उपकार Beneficence, favour, Kindness. भला उपग्रह धर्म द्रव्य गतिरूप से तथा अधर्मद्रव्य स्थिति रूप से जीव और पुद्गल का उपकार करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमृशा- भरत क्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी। Pramrsa- A river of Bharat kshetraaryakhand (region)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक वनस्पति काय- प्रत्येक वनस्पति कायिक जीव द्वारा छोड़ा गया शारीर अभवा पृथक-पृथक वनस्पति जीव जैसे; खैर आदि वनस्पति। pratyeka vanaspati kaya – beings pretaining to plant life.