चतुरंग!
चतुरंग Bowing down with bending both hands and knees, Four parts of an army. नमस्कार का एक प्रकार अर्थात् सोनोन हाथ व दोनों घुटने नमाना , सेना के और अंग; अश्र्व , हज , रथ और पैदल सैनिक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुरंग Bowing down with bending both hands and knees, Four parts of an army. नमस्कार का एक प्रकार अर्थात् सोनोन हाथ व दोनों घुटने नमाना , सेना के और अंग; अश्र्व , हज , रथ और पैदल सैनिक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चर्मरत्न A jewel of Chakravarti (emperor) helps in walking through water without sinking. चक्रवर्ती का एक अचेतन रत्ना . जिसे जल पर बिच्छा देने से थलवत् गमन होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधान क्रिया – Samaadaana Kriyaa. A kind of passionful influx, to be restraintless or to violate the vows etc. साम्परायिक आस्त्रव की 25 क्रियाओ मे एक क्रिया; संयमी पुरुष का असंयम के अभिमुख होना। यह प्रमादवर्धक क्रिया होती है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावपुरुष – Bhavapurusha. Psychologically male one. पुरुष वेद के उदय से पुरुष की अभिलाषा रूप मैथुन संज्ञा का धारक जीव “
चित्तवृत्ति State of mind, trend of thought, Inclination. मनःस्थिति ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समवाय संबंध – Samvaaya Sambamdha. Relation of inseparability. अयुत सिद्व (एक दूसरे के बिना न रहने वाले) आधार्य (पट) और आधार (तंतु) पदार्थों का इह प्रत्यय हेतु (इन तन्तुओ मे पट है) सम्बंध (वैषेषिक मान्य) समवाय सम्बंध है।
देशस्पर्श Binding of two matters (or of their particles). एक द्रव्य के देश अर्थात् अवयव का अन्य द्रव्य के देश अर्थात् उसके अवयव के साथ स्पर्श करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ वचन – Shubha Svapna. Auspicious dreams. वात, पितादि के प्रकोप से रहित सूर्य चंद्रमा आदि को देखना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समयसार कलश – Samayasaara Kalasha. Name of a specific composition by Acharya Amritchandra. आचार्य अमृतचन्द्र द्वारा समयसार की आत्मख्याति टीका मे प्रयुक्त किये गये विशेष छंद कलश नाम से कहे गये है। समय ई. 905-955।