मद!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मद – Mada. Proud, Pride, Arrogance, Hautiness. घमंड , यहज्ञान , कुल , रूप आदि 8 भेदों वाला होता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मद – Mada. Proud, Pride, Arrogance, Hautiness. घमंड , यहज्ञान , कुल , रूप आदि 8 भेदों वाला होता है “
चंद्रप्रभु Name of the 8th Tirthankar (Jaina-Lord). ८वें तीर्थंकर ; इनका जन्म चन्द्रपूरी के इक्ष्वाकुवंशी राजा माहासें एवं रानी लक्षमणा के यहाँ हुआ था. इनकी १० लाख पूर्व की आयु एवं १५० धनुष (छह सौ हाथ) शरीर की ऊंचाई थी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मणिपुर चक्र – Manipura Chakra. Circular position of navel to be used for the installation of Mantras in meditation. नाभिचक्र; इसके ऊपर मन्त्रों को स्थापित कर ध्यान किया जाता हैं “
गृहस्थापित दोष A fault of hermitage. वसतिका का एक दोष; गृहस्थ द्वारा स्वयं के किए बनवाया गृह, साधु आश्रय के नाम करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समगुण – Samaguna. Similar virtues or properties. सदृष या समान गुण।
घोषा A type of divine musical instrument. देवों के द्वारा विद्याधरों को दी गई एक वीणा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गो अलीक Telling a lie for saving the life of cow. गाय की रक्षा के किए झूठ बोलना,ऐसा करने पर भी व्रती श्रावक सत्याणुव्रतधारी पर्वत की उत्तर श्रेणी का एक नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
घोटकपाद An infraction of meditative relaxation (pertaining to feet). कायोत्सर्ग का एक अतिचार . जैसे घोड़ा अपना एक पांव अकड़ाकर या लंगड़ा करके खडा हो जाता है वैसे खडा होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मघवान् – Maghavan.: Name of the 3rd Chakravarti (emperor), Name of a chief disciple of Lord Rishabhdev. वर्तमान भव में तृतीय चक्रवर्ती , भगवान ऋषभ देव के एक गण धर का नाम “
उदधिकुमार A type of Bhavanvasi deity. भवनवासी देवों का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]