जम्बूवृक्षस्थल!
जम्बूवृक्षस्थल Region of Jambuvriksha (a super tree). जम्बूवृक्ष सामान्य स्थल ; ५०० योज.अन विस्तार युक्त है , मध्य में ८ योजन एवं किनारों पर २ कोस मोटा है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जम्बूवृक्षस्थल Region of Jambuvriksha (a super tree). जम्बूवृक्ष सामान्य स्थल ; ५०० योज.अन विस्तार युक्त है , मध्य में ८ योजन एवं किनारों पर २ कोस मोटा है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वानंत – Sarvaananta. All infinite. अनंत का एक भेद । आकष को धन रूप से देखने पर उसका अंत नहीं पाया जाता इसलिये उसे सर्वानंत कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसंघ – Sarvasangha. Name of the 58th chief disciple of Lord Rishabhdev. भगवान ऋषभदेव के 58 वें गणधर ।
तेजकायिक Fire bodied living beings. 5 स्थावर जीवों में एक अग्नि आदि में उत्पन्न जीव।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वमत – Sarvamata. Something universally accepted. जो सर्वरूप मान्य हो ।
तैजस द्रव्य वर्गणा A type of aggregates of karmic molecules producing lustre in body. 23 वर्गणाओं में एक वर्गणा, जो शरीर को कांति देती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चैत्य भूमि The land for temple (related to eternal Jain idols). भवनवासी आदि सभी देवों के जिनमंदिरों में चैत्यभूमि होती है जो अकृत्रिम जिनप्रतिमा से युक्त होती है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वचंद्र – Sarvachandra. Name of a saint of Nandi group, the disciple of Vasumandi. न्ंदिसंघ के देषीयगण की गुर्वावली के अनुसार वसनंदि के षिष्य तथा दामनंदि के गुरू । समय-ई0 918-948 ।