नियमित सान्द्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नियमित सान्द्र – Niyamita sandra. Regular solid. एक प्रकार की ठोस आकृति से सम्बंधित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नियमित सान्द्र – Niyamita sandra. Regular solid. एक प्रकार की ठोस आकृति से सम्बंधित “
देहत्रय Three kinds of body. औदारिक , तैजस , कार्मण ये तीन शरीर।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरंग – Suranga. Tunnel. जमीन के अन्दर से बनाया गया एक गुप्त मार्ग ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारिव्राज्य क्रिया – Parivrajya Kriya. Abandoning of worldly life after completing household duties. कर्त्रन्वयी ७ क्रियाओं में एक क्रिया; ग्रहस्थ धर्म का पालन करने के पश्चात् मुनि दीक्षा ग्रहण करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संयमभाव – Sanyamabhaava. Restraintful temperament. उपशम भाव से धारण किये गये व्रतादि संयम भाव को प्राप्त हो जाते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकपाल – Lokpaal.: The protecting deities. चतुर्निकाय के देवों के दस भेदों में एक प्रकार –इंद्र द्वारा नियुक्त लोक रक्षक देव जो कोतवाल के समान होते हैं “ये चार हैं –सोम , यम , वरुण और कुबेर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारणा – Parana. To take food after the fast. उपवास के बाद दूसरे दिन किया जाने वाला भोजन “
चातुर्दीपिक भूगोल The name of an ancient composition of geography. एक भूगोल जो रायकृष्णदास जी के लेख के अनुसार वैदिक धर्मं में मान्य सप्तद्वीपिक भूगोल से अधिक प्राचीन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लेपाहार –Lepaahaar.: Natural grasping of nutrition for the development of body(i.e. air, natural light, water-taking by plants). आहार का एक भेद – एकेन्द्रिय वनस्पति आदि जीवों के द्वारा मिट्टी , पानी, हवा, प्रकाश के रूप में जो आहार ग्रहण किया जाता है , वह लेपाहार है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापसंवर – Papasamvara. To become free from sins, cessation of sins. व्रतादि के द्वारा पाप से निवृत्ति प्राप्त करना “