गुणदोष!
गुणदोष Virtues and vices. सविचार भक्तप्रत्याख्यान विधि के ४० अधिकारों में २४वां अधिकार; आलोचना के गुण दोषों का वर्णन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणदोष Virtues and vices. सविचार भक्तप्रत्याख्यान विधि के ४० अधिकारों में २४वां अधिकार; आलोचना के गुण दोषों का वर्णन ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगानर्थाक्य:An infraction-excess of consumables, hoarding. अनर्थदण्डव्रत का एक अतिचार; आवश्यकता से अधिक उपभोग परिभोग की वस्तुओं को एकत्रित करना “
ग्लान One having diseased body (reg. saint). रोगी साधु अथवा रोग आदि से क्रांत शरीर वाला ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोक्त्रत्व भोग्य भाव :See- Bhokta Bhogya Bhav. देखें – भोक्ता भोग्य भाव “
त्रसलोक Name of a particular universe (middle universe). सुमेरू पर्वत के मूल से एक राजू लम्बे चैडे क्षेत्र में तिर्यक् त्रसलोक स्थित है, इसे मध्यलोक भी कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गरूड़ध्वज Name of a city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देशप्रत्यासत्ति A cause of bonding or co-relation of two matters or elements. संयोग का एक भेद ; दो द्रव्यों के अवयवों का सम्बद्ध रहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गर्दतोय A division of special heavenly deities (Laukantik). लौकान्तिक देवों का एक भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकाम – Prakama. Name of the 4th pre-destined Rudra. भविष्यत् कालीन चौथे रूद्र का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समरंभ-प्रमादी जीवों का प्राणों की हिंसा आदि कार्य में प्रयत्नशील होना समरंभ है”