देवदत्ता!
देवदत्ता A reverential palanquin (pertaining to Lord Vimalnath). एक पालकी तीर्थंकर विमलनाथ इसी पर आरूढ़ होकर दीक्षा लेने हेतु सहेतुक वन गये थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवदत्ता A reverential palanquin (pertaining to Lord Vimalnath). एक पालकी तीर्थंकर विमलनाथ इसी पर आरूढ़ होकर दीक्षा लेने हेतु सहेतुक वन गये थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बकरा- कुंथुनाथ भगवान का चिन्ह, भरत चक्रवर्ती के 16 स्वप्नों में एक स्पप्न; शुष्क पत्ते खाने वाले बकरों का समूह (जिसका फल आगामी काल में दुराचारी मनुष्यों की उत्पत्ति था)। Bakara- Billy Goat, the significant symbol of lord kunthunath & a dream mark of Bharat Chakravati (an emperor)
चक्षुदर्शन Visionary conation, ocular perception. चक्षु इन्द्रिय के द्वारा पदार्थ का ज्ञान होने से पूर्व जियो सामान्य प्रतिभास होता है वह चक्षुदर्शन है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दण्डधार The 45th son of king Dhratrashtra. राजा धृतराष्ट्र और रानी गंधारी का 45 वां पुत्र। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकुट – Sankuta. Contracted, Limited. जीव अति सूक्ष्म देह मिलने से संकुचित होता है, इसलिए उसे संकुट कहा गया है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधस्पर्श – निक्षेप रुप स्पर्श का एक भेद; औदारिक, वैक्रियक, आहरक, तैजस और कार्मण शरीर बंध स्पर्श है। Bandhasparsa- Body formation caused due to karmic Binding
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स – Sa. The 32nd consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी वर्णमाला का बत्तीसवाँ व्यंजन अक्षर, इसका उच्चारण स्थान दन्त है “
त्रैविद्यदेव Title for some Acharyas in Nandi sangh (group) etc. कतिपय आचार्यों की उपाधि जैसे नन्दि संघ के देशीयगण की गुर्वावली के अनुसार पाँच आचार्यों की उपाधि, कातंत्र रूपमाला व्याकरण के भावसेन – त्रैविद्य टीकाकार आदि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्विध आहार – Sadvidha Aahaara. Six kinds of intakes. कर्माहार, नोकर्माहार, कवलाहार, लेप्याहार, ओजाहार, मानसाहार “