ध्वांत!
ध्वांत Darkness. अंधकार। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरचंद्र – Varachandra: Name of the 6th predestined Balbhadra,Name of the son of Lord Chandraprabh in His worldly life. आगामी छठा बलभद्र ,तीर्थंकर चन्द्रप्रभ का एक पुत्र .इसे राज्य सौंपकर ही वह दीक्षित हुए थे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्याय – Nyaaya. Verdict or jisticce. क़ानून, इंसाफ, सच्चाई, निर्णय या जिसके द्वारा निश्चय किया जाये ऐसी नितिक्रिया का करना न्याय कहा जाता है”
ध्रुवग्राही One who is constantly involved in grasping of knowledge. जो सतत ज्ञान प्राप्त करने में प्रयत्नशील है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक शरीर अंगोपांग –VaikriyikaSariraAmgopaniga. A Karmic nature causing formation of the organs of transformable body of deities & hellish beings. नामकर्म का एक भेद, जिसके उदय से देव – नारकी के शरीर के अंग व उपअंग बनते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नौ – Nau. Nine, a number. नव-जैसे, नव अनुदिशा, नव ग्रैवेयक, नव नारायण, नव निधि इत्यादि “
ध्याता A meditator. धर्म व शुक्लध्यानों को ध्याने वाले योगी को ध्याता कहते हैं अर्थात् ध्यान करने वाला मुनि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाषा – Vibhasha. Describing of something in different ways (like by presentation, exposition, description etc.). विविध प्रकार के भाषण अर्थात् कथन करने को विभाषा कहते हैं ” विभाषा, प्ररूपणा, निरूपण, व्याख्यान ये सब एकार्थवाची नाम हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्र प्रक्रति – Bhadra Prakrti. Gentle disposition. भला या सज्जन स्वभाव होना ” सरल स्वभावी “
धृतिक्रिया An auspicious activity (worshipping the Lord for the well growth of the child in womb). गर्भान्वय की 53 क्रियाओं में से चैथी क्रिया; गर्भाधान के सांतवे महीने में गर्भ की वृद्धि के लिए पूजा पाठ एंव गर्भ के बालक को आशीर्वाद देना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]