पृथिवि (नरक)!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवि (नरक) – Prthivi (Naraka). Earths of 7 Hells. सात नरकों की सात पृथिवियाँ “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवि (नरक) – Prthivi (Naraka). Earths of 7 Hells. सात नरकों की सात पृथिवियाँ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] फलिसंक्रमण- संक्रमण का एक भेद। Phalisankarmana- A type of transition
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावभावक भाव – Bhavabhavaka Bhava. A relation between soul & result oriented Karmas. संबंध; आत्मा एवं फल देने की सामर्थ्य से युक्त कर्म एवं आत्मा, दोनों में भाव-भावक भाव है “
द्वीपार्धचक्रवाल Name of Manushottar mountain. मानुषोत्तर पर्वत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्लिष्ट हस्तकर्म – Sanklishta Hastakarma. Hard manual work. छेदन-भेदन करना, पीसना, गूंथना, चित्र बनाना, खोदना आदि कार्य को संक्लिष्ट हस्तकर्म कहते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रोषध – अश्टमी, चतुर्दषी आदि पर्व के दिन उपवास अथवा एक बार भेजन करना। Prosadha- Fasting or one time eating
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैनयिक –Vainayika. A part of Shrutgvan (scriptural knowledge).Containing description of politeness. अंगबाह्य श्रुतज्ञान का पांचवा अंग, इसमे ५ प्रकार के विनयों का कथन हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकोच विस्तार – Sankoca Vistaara. The state of contraction & expansion of soul points of beings. जीव के प्रदेशों का संहार व विसर्पण ” दीप के प्रकाश के समान जीव के प्रदेशों का संकोच-विस्तार होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रेक्षण मण्डप- अकृत्रिम चैत्यालयों में मुख मंडप के आगे का मंडप। Preksana Mandapa- Front portion of natural temples
उदयस्थान Place of origination, fruition (reg. Karmas). अपने फल के उत्पन्न करने में समर्थ कर्म अवस्था।[[श्रेणी:शब्दकोष]]