उपनय!
उपनय To show similarity between two objects by illustration. पक्ष और साधन में दृष्टांत की सदृषता दिखाने को उपनय कहते है जैसे यह पर्वत भी वैसा ही धूमवान् है। अर्थात् दृष्टांत की अपेक्षा लेकर पक्ष में हेतु का दोहराना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपनय To show similarity between two objects by illustration. पक्ष और साधन में दृष्टांत की सदृषता दिखाने को उपनय कहते है जैसे यह पर्वत भी वैसा ही धूमवान् है। अर्थात् दृष्टांत की अपेक्षा लेकर पक्ष में हेतु का दोहराना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गुणोत्तरश्रेणी Geometrical progression. एक गणितीय श्रेणी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपकार्य-उपकारक संबंध Beneficial relation. बंध का एक भेद जिस पर उपकार हो वह उपकार्य और जो उपकार करे वह उपकारक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गोलाचार्य Name of an Acharya. नंदिसंघ देशीयगण के एक आचार्य ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंदिर: Temple, Name of a city in the north of Vijayardh mountain, Name of a chief disciple of Lord Vasupujya, Name of a summit situated at Ruchak mountain. जिनालय, विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर, वासु पूज्य भगवान के मुख्य गणधर का नाम, रुचक पर्वत पर स्थित एक कूट का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वितत – Vitata.: Expanded or extented tone (of musical instrument etc.). एक प्रकार का प्रायोगिक शब्द,सितार आदि के शब्द को वितत कहते हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्र: Mystic verses or texts. जो गुप्त रूप से बोले जाते हैं उन्हें मंत्र कहते हैं ” ‘मत्री’ धातु से गुप्त भाषण के अर्थ में मंत्र शब्द बना हैं जो एक अक्षर से लेकर अनेकों अक्षरों तक होते हैं, जैसे – ‘ॐ’ , अर्हं , असिआउसा आदि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयमित्र – Vijayamitra.: Name of the 32nd chief disciple of Lord Rishabhdev. तीर्थंकर ऋषभदेव के 32वें गणधर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सदभाव स्थापना – Sadbhaava Sthaapanaa. Installing right imagination of something in an artificial form. तदाकार स्थापना, जिसका जैसा आकार अथवा रुप हो वैसा ही उसकी मूर्ति मे संकल्प अथवा संकल्पना करना।
उपदेशसम्यक्त्वार्य A type of Aryas (noble persons) who get right faith by the preaching of saints. अनृद्धि प्राप्त आर्य जिन्हें तिरेसठ शलाका पुरूषों के पुराण (वृत्तान्त) के उपदेश से तत्वार्थ श्रद्धान उत्पन्न हुआ हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]