जयदेव!
जयदेव Name of the 6th pre-destined Tirthankar (Jaina Lord). जयसेन प्रतिष्ठा पाठ जके अनुसार छठवें भविष्यत्कालीन तीर्थंकर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
जयदेव Name of the 6th pre-destined Tirthankar (Jaina Lord). जयसेन प्रतिष्ठा पाठ जके अनुसार छठवें भविष्यत्कालीन तीर्थंकर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राक्षस वंष – पिद्याधरो का एक वंष, ये न देव होते हे न राक्षस। राक्षस नामक द्वीप के रक्षक होने से राक्षस कहलाये। Raksasa vansa-Name of a dynasty
जयंतिकी Name of a female divinity resident of Ruchak mountain. रूचक पर्वत निवासिनी एक दिक्कुमारी महत्तरिका।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादेकप्रदेशत्व – Syaadekapradessatva. Uni-dimenstional nature of matter (in some aspect).द्रव्य का एक सामान्य-भेद कल्पना निरपेक्ष निश्चय नय की अपेक्षा एकत्व होने से कथंचित् एक प्रदेशत्व स्वभाव है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगसम्मह क्रिया – गर्भान्वय की 53 क्रियाओ में एक क्रिया, इसमे योगी तपोयोग को धारण कर षुक्ल ध्यान के द्वारा केवलज्ञान प्रकट करता है। Yoga sammaha Kriya-A type of auspicious activity (revelation of omniscience by a saint)
जड़ Non-sentient, fool, senseless material, Basic cause. जीव या संवेदना रहित पदार्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहभावी विशेष – SahabhaaveeVishesha. Co-existing factor-the property of a matter in it. गुण; जो वस्तु के सर्व प्रदेशों में व उसकी सर्व अवस्थाओं में साथ-साथ रहता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रहस्य – गुप्त, अंतराय कर्म को रहस्य कहते है। Rahasya-A mystery, secret, another name of antaray Karrma
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्मृति – Smrti. Memory, rememberance, recollection. मति, स्मृति, चिंता, संबा, अभिनिबोध ये एकार्थवाची है। दृष्ट, श्रुत और अनुभूत अर्थ को विषय करने वाले ज्ञान को स्मृति कहते है। देखे- स्मरण।