रूपानुपान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपानुपान – देषव्रत का एक अतिचार।मर्यादा के बाहर काम करने वालो को निजरूपर दिखाकर अपना प्रयोजन बता देना। Rupanupata-making sign for persons beyond the limit, as the morse code with flags etc. (an infraction of Deshvrat)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपानुपान – देषव्रत का एक अतिचार।मर्यादा के बाहर काम करने वालो को निजरूपर दिखाकर अपना प्रयोजन बता देना। Rupanupata-making sign for persons beyond the limit, as the morse code with flags etc. (an infraction of Deshvrat)
उपात्त Assimilated, Acquired matters (dravyas) . आत्मा के रागादि परिणामों से कर्म और नोकर्मरूप में जिन पुद्गल द्रव्यों को ग्रहण किया जाता है वे उपात्त कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्धिस्थान – देष व सकल संयम प्राप्ति योग्य संयम स्थान। Labdhisthana-Attainment- station, states of super attainment
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक सुख –Laukika Sukh: Worldly enjoyments or pleasures . सांसारिक विषय भोगों से प्राप्त होने वाला क्षणिक सुख “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त निक्षेप – Sachitta Nikshepa. Food offering on green leaves, an infraction of vow of hospitality. हरे पत्तों पर रखकर आहार देना; अतिथिसंविभाग व्रत का एक अतिचार “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल-जिन – Sakala-Jina. The supreme one, destroyer of all 4 karmas. जो घातिया कर्मों का क्षय कर चुके हैं, ऐसे सशरीरी सकल परमात्मा अर्थात् अरिहंत भगवान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय आराधना – Nishchaya – Aaraadhanaa. Absolute spiritual prayer or meditation, Synonym word For Mokshamarga, the path of salvation. निश्चय मोक्षमार्ग का एक अपरनाम ” मुनि अवस्था में सम्यग्दर्शन, ज्ञान, चारित्र व तप एन चारों की आराधना व्यवहार आराधना है, इस व्यवहार आराधना के द्वारा आत्मा में एकाग्र परिणतिरूप ध्यान निश्चय आराधना है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रविनंदी – शट्खण्ड आगम के ज्ञाता, बप्पदेव के षिक्षा गूरू एक आचार्य। Ravinandi-Name of an acharya
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शवशय्यासन तप – Shavasayyaasana Tapa. A kind of austerity, to lie like a corspe. कायाक्लेश तप का एक भेद; शव की तरह निश्चेष्ट सोना “