मूर्त!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्त–Muurt. Sensually acceptable matters, Corporeal, tangible. जो पदार्थ जीवो के इन्द्रियग्राह्रा विषय है व मूर्त है अथवा रूप, रस आदि गुणों का पिण्ड मूर्त है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्त–Muurt. Sensually acceptable matters, Corporeal, tangible. जो पदार्थ जीवो के इन्द्रियग्राह्रा विषय है व मूर्त है अथवा रूप, रस आदि गुणों का पिण्ड मूर्त है”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == त्याग : == ण हि णिरवेक्खो चागो, ण हवदि भिक्खुस्स आसयविसुदी। अविसुद्धस्स हि चित्ते, कहं णु कम्मक्खओ होदि।। —प्रवचनसार : ३-२० जब तक निरपेक्ष त्याग नहीं होता है, तब तक साधक की चित्तशुद्धि नहीं होती है और जब तक चित्तशुद्धि (उपयोग की निर्मलता) नहीं होती है, तब तक…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नचतुश्टय – बलभद्र के चार रत्न, रत्नमाला, गदा हल और मूसल Ratnacatustaya-Four jewels of Balbhadra
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाहुयुध्द – Bahuyuddha. Combat, a non – violenceful fighting with the strength of arms between two person. दो वक्तियों के बीच भुजाओं से होने वाला युद्ध ” यह अहिंसक युद्ध युग की आदि मे सबसे पहले भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत – बाहुबली के बीच में हुआ था “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावग्रंथ – Bhavagramtha. Internal attachment. अंतरंग परिग्रह; मिथ्यात्व आदि इसके १४ भेद हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लधुषंका – मूत्रोत्सर्ग, लघु व दीर्घ षंका जाने के बाद प्रायष्चित के रूप 25 उच्छ्वास का कायोत्सर्ग किया जाता है। Laghusamka-Urination
एक संख्या A number i.e. 1. एक संख्या को नोकृति कहते हैं क्योंकि इसका वर्ग करके मूल में से घटाने पर वृद्धि नहीं होती बल्कि मूल संख्या ही नष्ट हो जाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वार्तिकाकर्म – Vaartikaakarma.: Polishing or Varnishing. वस्तु तैयार करके उस पर पॅालिश आदि कर दी जाती है यही वार्तिक कर्म है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] याज्ञिक मत – संसारी जीव की कभी मुक्ति नहीे होती ऐसा मानने वाला मत। Yajnika Mata-A doctrine believing no salvation of worldly beings
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वायुमंडल – Vaayumandal.: Atmosphere, Environment. वायु का घेरा या मार्ग “