ध्रौव्य!
ध्रौव्य Substantial continuity or permanence. द्रव्य की स्वभाव रूप स्थिरता का नाम ध्रौव्य है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ध्रौव्य Substantial continuity or permanence. द्रव्य की स्वभाव रूप स्थिरता का नाम ध्रौव्य है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वार्थनुमान – Svaarthaanumaana. Subjective inference (caused by perception of some means). अनुमान के दो भेदो मे एक भेद। परोपदेष के अभाव मे भी केवल साधन से साध्य को जानकर जो ज्ञान देखने वाले को उत्पन्न हो जाता है उसे स्वार्थनुमान कहते है। जैसे धुएॅ को देखकर अग्नि का अनुमान लगा लेना।
ध्यानस्थ पुरूष An omniscient engrossed in deep meditation. ध्यान में स्थित पुरूष केवली अन्तस्तत्व का वेदन करने वाले परम जिनयोगीश्वर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाधीन – Svaadhiina. Self dependent. स्वतंत्र, आत्माधीनं। सिद्वो का सुख संसार के विषयो से अतीत स्वाधीन अव्यय होता है।
धृष्टार्जुन Another name of Dhrashtadyumn, a warrier of Krishna. कृष्ण का योद्धा, अपरनाम धृष्टद्युम्न। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांसारिक सुख – Saansaarika Sukha. Worldly sensual pleasures. लौकिक या इन्द्रियजन्य सुख। यह सारा इन्द्रिय विषयक माना जाता है इसलिए यह केवल सुखाभास ही नही, किन्तु निःसंदेह दुखरुप ही हैं।
धृतराष्ट्र Father of Duryodhan including all 100 Kaurvas. द्रुयोधन आदि सौ कौरव पुत्रों के पिता ; एक कुरूवंशी राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहानवस्था विरोध – Sahaanvasthaa Virodha. Mutual opposition in the different states of a matter. विरोध के तीन भेदों में एक भेद । यह विरोध एक वस्तु की क्रम से होने वाली दो प्र्यायों में होता है। नयी पर्याय उत्पन्न होती है तो पूर्व पर्याय नष्ट हो जाती है।
धान्य मान प्रमाण Measuring unit for cereals. धान्य मापने का एक मान। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]