वज्रघोष!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रघोष – Vajraghosh. One who was soul of Lord Parshvanath & became an elephant after killed by Kamath. तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जीव जो कामथ द्वारा मारा जाने पर सलल्की वन में वज्रघोष हाथी हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रघोष – Vajraghosh. One who was soul of Lord Parshvanath & became an elephant after killed by Kamath. तीर्थंकर पार्श्वनाथ का जीव जो कामथ द्वारा मारा जाने पर सलल्की वन में वज्रघोष हाथी हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिचंद्र – Nemichandra. Name of a great Aacharya, the writer of Gommatsar etc.great books of Jainism. सिद्धांत चक्रवर्ती; गोम्माटसार, त्रिलोकसार, लब्धिसार, द्रव्यसंग्रह आदि के कर्ता आचार्य, चामुंडरायके गुरु ” समय-ई.श.10-11 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यागमण्डल – पंच कल्याणक प्रतिश्ठा में किया जाने वाला एक विषेश पूजा विधान, इसमें प्रतिश्ठा में भाग लेने हेतू अनेक देवी देवताओ का आहवान करके उन्हें यज्ञभाग समर्पित किया जाता है।गणिनी आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी द्वारा संस्कृत यागमंडल के आधार से रचित हिन्दी पूजा ग्रंथ। Yagamandala-A special kind of worshipping to be observed in…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिशुपाल – Shishupaala. Name of a famous king who was killed by Krishna according to jaina scriptures. राजा मेषज एवं रानी मद्री का पुत्र, इसके तीन नेत्र थे ” किसी निमित्तज्ञानी ने बताया था कि जिसके देखने से इसका तीसरा नेत्र नष्ट होगा वही इसका हन्ता होगा ” माता-पिता उसे एक बार कृष्ण के…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाग – Bhaga. Division, a fraction, a section. अंश, पर्याय, भेद, विधा , भाग सब एकार्थवाची हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नसंचया – विदेह क्षएत्र की 32 नगरियो मे 16 नगरी Ratnasancaya- Name of the 16th city situated in Videh Kshetra (region)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युगपत – एक साथ जैसे केवल ज्ञान होने के बाद अनन्त ज्ञान व अनन्त दर्षन एक साथ ही होता है। Yugapata-Unitedly, Combinedly
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भगवती आराधना टीका – Bhagavati Aradhana Tika. A commentary book on Bhagavati Aradhana written by Pandit Ashadharji. पं. आशाधर (ई. ११७३-१२४३) द्वारा रचित एक टीका “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नकंबल – रत्नों से बना एक कंबल। उज्जैन की सेठानी यषोभद्रा ने अपने पु़त्र सुकुमाल की पत्नियों के लिए रत्नकंबल खरीदा और पुत्र वधुओं के लिए उसकी जूतिया बनवायी। देंखें – सुकुमाल चरित्र Ratnakambala-Blanket of jewels
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन प्रयोग कर्म – Vachan Prayoga karma.: A type of Prayoga karma (Pertaining to speech). प्रयोग कर्म के 3 भेदों में एक – जो संसार अवस्था में स्थित जीवों के और सयोग केवलियों के होता हैं “