परलोक भय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परलोक भय:A kind of insecurity (fear) related to the future birth. सप्त भयों में एक भय, परभव मेें न मालूम क्या होगा ऐसा भय होना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परलोक भय:A kind of insecurity (fear) related to the future birth. सप्त भयों में एक भय, परभव मेें न मालूम क्या होगा ऐसा भय होना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भयसंभूति – Bhayasambhuti. A type of super power possessed by king Ravan and Dashrath. राजा रावण एंव दशरथ को प्राप्त एक विधा “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनीता – Vinita. Another name of Ayodhya, the birth place of Lord Rishabhdev and of many great personali-ties. अयोध्या; तीर्थकर वृषभदेव, अजितनाथ, अभिनंदननाथ, सुमतिनाथ, अनंतनाथ, चक्रवर्ती भरत, ८ वें बलभद्र राम नारायण लक्ष्मण की जन्मभूमि “
एक अजीव- एक अजीव कषाय Passion related to soul and non soul matters. निक्षेप की अपेक्षा कशाय के भेद ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष ]] मिश्र कायओग– Mishra Kayayoga. Bodily activities taking place upto complete formation of body. जब तक शरीर पर्याप्ति पूर्ण नहीं होती तब तक होने वाले काययोग को मिश्रकयायोग कहते है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा आगम:Scriptures as stated by Gandhar (Chief disciple of Lord) etc. गणधरादि द्वारा कथिम आगम ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पनसा:A river of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरत क्षेत्र स्थित आर्यखण्ड की एक नदी ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सद्भाव : == किं तेणावि घडिज्जइ जो न हु सब्भावरसनिसित्तो वि। पुरिसो य पुहइिंपगे व मिज्जिओ अप्पमप्पेइ। —गाहारयणकोष : ६५ जो सद्भाव के रस से अभिसिंचित नहीं है, उसके जन्म से क्या लाभ ? पुरुष तो पृथ्वी के िंपड जैसा होता है जो पानी से भीजकर अपने आपको…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य काल – Saamaanya kaala. Common time. वस्तु का विधि रूप वर्तन सामान्य काल है और निषेध स्वरूप विशेष काल है।