धर्मनंदि!
धर्मनंदि A Bhattarak of Nandi group. नंन्दिसंघ बलात्कारगण के एक भट्टारक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मनंदि A Bhattarak of Nandi group. नंन्दिसंघ बलात्कारगण के एक भट्टारक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीवत्स – Shreevatsa. A particular type of mark on the chest of meritorious persons, Name of a propounder of Vaishesik literature. तीर्थंकर आदि पुण्यात्माओं का एक शारीरिक लक्षण जो वक्षःस्थल पर होता है ” पार्श्वनाथ चरित्र के अनुसार उनकें नवमें भव पूर्व में पोदनपुर के राजा अरविंद की मुनिअवस्था में उनके वक्षस्थल का श्रीवत्सम…
साधु-जो अट्ठाईस मूलगुणों का पालन करते हैं, सदा रत्नत्रय के साधन हेतु ध्यान और अध्ययन में लगे रहते हैं, वे साधु परमेष्ठी कहलाते हैं। आचार्य, उपाध्याय और साधु ये तीनों ही दिगम्बर वेषधारी मुनि होते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्म(नाम) Name of chief disciples (Gandhars) of Lord Vasupujya and Lord Shreyansnath, Name of the 3rd Baldev, Another Name of Acharya Dharmasen. वासुपूज्य एवं श्रेयांसनाथ भगवान के प्रमुख गणधर, तीसरे बलदेव, श्रुतकेवली आचार्य धर्मसेन का अपरनाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इक्ष्वाकुवंश A dynasty originated from Lord Adinath. भगवान आदिनाथ से यह वंश प्रारम्भ हुआ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धन्य Felicitous, Name of a saint of the era of Lord Mahavira. अभिनंदनीय ; एक मुनि भगवान महावीर के तीर्थ के अनुत्तरोपपादकों में से एक।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धनकुमार चरित्र A book written by Acharya Gunbhadra. आचार्य गुणभद्र(ई. 1182) द्वारा रचित एक ग्रंथ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उद्धृत Partial quantity, selected. भाग की हुई राशि निकाला हुआ चयन किया हुआ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव सल्लेखना – Bhava Sallekhana. Auspicious and holy death with destruction of passions. राग, द्वेष और मोह से रहित होकर मृत्यु को प्राप्त करना “