सन्यास मरण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्यास मरण – Sanyaasa Marana. The holy death of an ascetic. मुनि व्रत धारण कर पंडित मरण करना
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सन्यास मरण – Sanyaasa Marana. The holy death of an ascetic. मुनि व्रत धारण कर पंडित मरण करना
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वरुप विपर्यास – Svaruupa Viparyaasa. A contary viewpoint regarding the form of a matter. मिथ्यात्व। जिस पदार्थ का जो लक्षण है उससे विपरीत उसका स्वरुप समझना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नमुक्तावली व्रत – एक व्रत इसमे 343 दिन मे 284 उपवास एवं 59 पारणाए की जाती है Ratnamuktavali Vrata- A particular kind of procedural vow of 284 fasting and 59 food taking days (parnas)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संतोष भावना – Santosha Bhaavanaa. Attitude of equanimity or satisfaction. मान अपमान में समता रखना, अशन पान आदि के यथायोग्य लाभ में समता रखना संतोष भावना है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] ल – देवनागरी लिपि का अट्ठाईसवां व्यंजन इसका उच्चारण स्थान दंत है। La-The 28th consonant of Devanagari syllabary ल – लक्ष एक लाख की सहनहानी। La- a symbol for one hundred thousand
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == क्षमा : == यदि किन्चित् प्रमादेन, न सुष्ठु यस्माभि: सह र्विततं मया पूर्वम्। तद् युष्मान् क्षमयाम्यहं, नि:शल्यो निष्कषायश्च।। —समणसुत्त : ८७ अल्पतम प्रमादवश भी यदि मैंने आपके प्रति उचित व्यवहार नहीं किया हो तो मैं नि:शल्य और कषायरहित होकर आपसे क्षमा—याचना करता हूँ। कोहेण जो ण तप्पदि, सुर–णरतिरिएहि…
ऐन्द्रिय सुख Sensual pleasure. इन्द्रियों के द्वारा प्राप्त क्षणिक सुख।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बोधितबुद्ध – Bodhitabuddha. One enlightened with knowledge gained through others. जिनको परोपदेश पूर्वक ज्ञान की प्राप्ति होती है वे बोधित बुद्ध कहलाते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव परिवर्तन – Bhava Parivartana. Volitional changes causing the transmigration of soul continuously. पंचपरिवर्तन में एक परिवर्तन; मिथ्यात्व के वश में पड़कर प्रकति, स्थिति, अनुभाग और प्रदेश बंध के कारणभूत परिणामों या भावों का अनुभवन “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव नय – Svabhaava Naya. A standpoint expressing the real nature of matter. द्रव्यार्थिक नय, द्रव्य के वास्तविक स्वभाव का कथन करता है।