श्रुतग्रंथकृति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतग्रंथकृति – Shrutagranthakriti. The treatises with appropriate meanings. शब्द संदर्भ रूप अक्षरकाव्यों द्वारा प्रतिपाद्य अर्थ को विषय करने वाली जो ग्रंथरचना की जाती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतग्रंथकृति – Shrutagranthakriti. The treatises with appropriate meanings. शब्द संदर्भ रूप अक्षरकाव्यों द्वारा प्रतिपाद्य अर्थ को विषय करने वाली जो ग्रंथरचना की जाती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीवर्द्धन – Shreevardhana. The past-birth soul of omniscient Sanjayant. संजयंत केवली के पूर्वभव का जीव ” यह कुमुदावती नगरी का राजा था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रथसेना – तीसरा सैन्य कक्ष, यह सेना अपने सेनापति के अघीन रहती है। इसमें 8 हजार हाथी होते है, एवं युद्ध के समय अष्वसेना के पीछे चलती है। Rathasena-A division of army containing chariots
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रचुरसंख्यक – Prachura Samkhyaka. Abundant in numbers. अधिक संख्या में “
उपाध्याय जिन्हें ग्यारह अंग और चौदह पूर्वों का या उस समय के सभी प्रमुख शास्त्रों का ज्ञान है मुनि संघ में साधुओं को पढ़ाते हें, वे उपाध्याय [[परमेष्ठी]] कहलाते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]] या Preceptor, Scriptural teacher . रत्नत्रय से संयुक्त जिनकथित पदार्थों के शूरवीर उपदेशक और निःकांक्ष भाव सहित ऐसे मुनिराज।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगपरिवर्तन – योग सक्रान्ति प्रथम षुक्लध्यान में मन वचन काय योगो का पलटना। Yogaparivartana-Transition of all activities (related to mind speech & body) in auspicious & sacred mode
दिवस पृथ्क्त्व A duration of three to nine days. 3 से 9 दिन के बीच के दिवस। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इष्ट वियोग Separation from the desired one. इष्ट व प्रिय चेतन-अचेतन पदार्थ का बिछुड जाना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गंभीर शासन Another name of Jain Shasan. अपर विदेह स्थित एक विभंगा नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्मिणी व्रत – श्रीकृश्ण की पटरानी रूकमणी ने लक्ष्मीमती के भवन मे जो व्रत लिया था।भादों सुदी 8, 10, 12, 14 को उपवास 7, 9, 11, 13, 15 को चारणा इस तरह 8 वर्श तक करना।व्रत विधान संग्रह से उद्धृत । Rukmini Vrata-A specified procedural fasting