द्वितीयगुण!
द्वितीयगुण Second stage of virtues. भाग जघन्य गुण में अविभाग प्रतिच्छेद की वृद्धि होने पर गुण की द्धितीयादि अवस्था विशेषों को द्वितीय गुण आदि संज्ञा होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वितीयगुण Second stage of virtues. भाग जघन्य गुण में अविभाग प्रतिच्छेद की वृद्धि होने पर गुण की द्धितीयादि अवस्था विशेषों को द्वितीय गुण आदि संज्ञा होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गौड़िया Brahma Sampraday (a religious community) pertaining to dualism. ब्रह्म सम्प्रदाय सो द्वैतवादी है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समचतुरस्त्र संस्थान – Samacaturasra Samsthaana. Balanced formation of the body organs. 6 संस्थानो मे एक संस्थान, ऊपर नीचे मध्य मे कुषल षिल्पी के द्वारा बनाये गये समच्रक की तरह समान रुप से शरीर के अवयवो की रचना अर्थात् शरीर की लम्बाई-चैड़ाई और ऊंचाई हीनाधिक न होकर समविभक्त होना।
द्वादशी व्रत Twelve Jaina vows for twelve years. 12 वर्ष तक प्रति वर्ष भाद्रपद शु. 12 को उपवास करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चंद्रकीर्ति An Acharya who was the disciple of Malladh- arideva. नंदीसंघ देशीय गन के एक आचार्य , मालधारी देव के शिष्य (ई. १०४३-१०७३)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समन्तानुपात क्रिया – Samantaanupaata Kriyaa. Excreting excreta at the customary usable places. साम्परायिक आस्त्रव की 25 क्रियाओ मे एक ंिक्रया। स्त्री पुरुषों और पशुओ के मिलने-जुलने, उठने-बैठने आदि के योग्य स्थान पर मल-मूत्रादि करना।
आलोक Light, Whole world, Vision. प्रकाश, लोकपर्यंत, आलोक का दर्शन भी है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चंदना Daughter of the king Chetaka of Vaishali (maternal aunt of Lord Mahavira), The chief Aryika (Ganini)-Jaina female saint in the Samavasharan of Lord Mahavira. राजा चेटक की पुत्री , जो भगवान महावीर स्वामी की एक मौसी थी और आगे चलकर उन्हीएँ के समवशरण में मुख्या आर्यिका (गणिनी) हुई।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैयावृर्त्ति –Vaiyavrtti Pious service to the saints. साधूसुश्रूषा, सेवा, उपचार, गुरु के अनुकूल परवर्ती करना “
गुप्तफल्गु A chief disciple of lord Rishabhadeva. ऋषभदेव भगवान के चौरासी गणधरों में एक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]