उपविष्टोपविष्ट!
उपविष्टोपविष्ट A type of meditative relaxation (with thoughts of pain, trouble & cruelty etc.). कायोत्सर्ग का एक भेद बैठे हुए आर्त्त रौद्र ध्यानों का चिन्तवन करना। अपरनाम उपविष्ट निविष्ट।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उपविष्टोपविष्ट A type of meditative relaxation (with thoughts of pain, trouble & cruelty etc.). कायोत्सर्ग का एक भेद बैठे हुए आर्त्त रौद्र ध्यानों का चिन्तवन करना। अपरनाम उपविष्ट निविष्ट।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिंसा यज्ञ – Himmsaa Yaggay violenceful sacrificial rite. पशु या मनुष्यों की जिसमे आहुति दी जाये ऐसा हिंसक यज्ञ। तीर्थकर मुनिसुव्रतनाथ के तीर्थ मे सगर राजा से द्वेष रखने वाला एक महाकाल नाम का एक असुर हुआ था, उस अद्वानी ने इस हिंसायज्ञ का उपदेष दिया था।
उपरितन कृष्टि A type of krishti (gradual destruction of passions). चरम द्विचरम आदि कृष्टियों को उपरितन कृष्टि कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हानि – Haani. Loss, damage, Ham, Destruction, reduction. ह्नास, पतन, हीन (दो गुणहानि, डेढ़ गुणहानि, षट्गुणहानि)।
आराधना(ग्रन्थ) Name of a treatise, A book composed by Ganini Gyanmati Mataji in Sanskrit. भगवती आराधना का अमितगति(वि.1050-1073) कृत संस्कृत रूपान्तरण, साधुओं की चर्या से संबधित गणिनी ज्ञानमति माताजी द्वारा रचित 450 श्लोकबद्ध एक संस्कृत ग्रन्थ (ई.श.20)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिवाहन – Harivaahana. The son of Lord Rishabhnath. ऋषभनाथ भगवान का पुत्र तथा भरत का छोटा भाई। भरत द्वारा राज्य मांगे जाने पर विरक्त हो दीक्षा धारण की, अंत मे मुक्ति प्राप्त की।
उपपादयोग स्थान The place of soul before incarnation . योगों का स्थान अर्थात् आत्मा के प्रदेशों का सकंप जो नवीन शरीर धारण करने के पहले समय में होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिजय – Harijaya. One of the sons of Vidyadhar Nami. विद्याधर नमि के अनेक पुत्रों मे एक पुत्र।
उपचरित स्वभाव Formal nature. स्वभाव का भी अन्यत्र उपचार करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]