आत्मव्यवहार!
आत्मव्यवहार Conception of self consciousness. मात्र अविचलित चेतना ही मैं हूँ ऐसा मानना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आत्मव्यवहार Conception of self consciousness. मात्र अविचलित चेतना ही मैं हूँ ऐसा मानना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषम – Vishama. Odd, not similar, uneven. जो सम या समान न हो, आसमान ” (स्निग्ध पुद्ग्ल का रुक्ष पुद्ग्ल के साथ जघन्य गुण के सिवाय विषय अथवा सम गुण के रहने पर बंध होता है ) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संग्रहनय – Sangrahanaya. A standpoint related to collection of matters. अभेद रूप से अर्थात् अपनी जाति का विरोध न करके जो समस्त वस्तुओं को संग्रह करके कथन करता है “
त्रसघात Destruction of micro beings. त्रस जीवों का घात होना, जो मांस , शहद आदि पदार्थों के सेवन से होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रह्लाद – हसितनापुर के राजा पù के बलि आदि 4 मंत्रियों में एक मंत्री इसी के साथ बलि ने अकम्पनाचार्य अदि 700 मुनियों पर उपसर्ग किया था। Prahalada- One who committed tyranny on all 700 saints (akampanacharya etc) with bali
त्याग Renunciation (related to all passions). छोडना, विरक्त होना, सारे पर द्रव्यों के मोह को छोडकर संसार देह और भोगों से उदासीनता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संख्यात भागवृद्धि – Sankhyaata Bhaagavriddhi. Finite increase in any number. किसी संख्या का संख्यात भाग किसी में बढ़ाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रसुप्त दशा- सोया हुआ, प्रगाढ़ निद्रा की अवस्था। Prasupta Dasa- Dormant state, state of sound sleep
तृण स्पर्श Affliction in the grassy resting with troublesome materials. 22 परीषहों में एक परीषह , सूखे तिनके, कंकर , पत्थर आदि की वेदना को समतापूर्वक सहन कराना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]