न्याय!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्याय – Nyaaya. Verdict or jisticce. क़ानून, इंसाफ, सच्चाई, निर्णय या जिसके द्वारा निश्चय किया जाये ऐसी नितिक्रिया का करना न्याय कहा जाता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] न्याय – Nyaaya. Verdict or jisticce. क़ानून, इंसाफ, सच्चाई, निर्णय या जिसके द्वारा निश्चय किया जाये ऐसी नितिक्रिया का करना न्याय कहा जाता है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक शरीर अंगोपांग –VaikriyikaSariraAmgopaniga. A Karmic nature causing formation of the organs of transformable body of deities & hellish beings. नामकर्म का एक भेद, जिसके उदय से देव – नारकी के शरीर के अंग व उपअंग बनते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नौ – Nau. Nine, a number. नव-जैसे, नव अनुदिशा, नव ग्रैवेयक, नव नारायण, नव निधि इत्यादि “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाषा – Vibhasha. Describing of something in different ways (like by presentation, exposition, description etc.). विविध प्रकार के भाषण अर्थात् कथन करने को विभाषा कहते हैं ” विभाषा, प्ररूपणा, निरूपण, व्याख्यान ये सब एकार्थवाची नाम हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्र प्रक्रति – Bhadra Prakrti. Gentle disposition. भला या सज्जन स्वभाव होना ” सरल स्वभावी “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यवन–Yavan. Name of a country of Bharat Kshetra northern Arya Khand (region). भरतक्षेत्र उत्तर आर्यखंड का एक देश”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नोआगम द्रव्य – Noaagama Dravya. The body instolledin particular realm of mind besides other. किसी पदार्थ के ज्ञाता का शरीर जो उस पदार्थ के ज्ञान में प्रयुक्त होता है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृषा योग–Mrasha Yoga. False state of mental or vocal activities. असत्य मनोयोग एवं वचनयोग”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैमित्तिक क्रिया – Naimittika Kriyaa. Different ritual activities concernning to different occasions. कृति कर्म; अष्टान्हिका, अष्टमी, चर्तुदशी आदि विशेष पर्वों की क्रिया”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रधर –Vajradhara. Name of the 11th Tirthankar(Jain-Lord) of Videh region. विदेह क्षेत्र में स्थित 20 तीर्थंकरों में 11वें तीर्थंकर ” चिन्ह शंख , पिता पद्यरथ एवं माता का नाम सरस्वती है “