आधारत्व!
आधारत्व Basic aptitude (of an Acharya). आचार्य का एक गुण चैदह पूर्व दसपूर्व और नव पूर्व का ज्ञाता होना, समुद्र तुल्य गम्भीरता गुण, कल्पव्यवहार का ज्ञाता होना, प्रायश्चित शास्त्र का ज्ञाता होना इत्यादि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आधारत्व Basic aptitude (of an Acharya). आचार्य का एक गुण चैदह पूर्व दसपूर्व और नव पूर्व का ज्ञाता होना, समुद्र तुल्य गम्भीरता गुण, कल्पव्यवहार का ज्ञाता होना, प्रायश्चित शास्त्र का ज्ञाता होना इत्यादि।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रात्रिभोजन – रात में किया जाने वाला भाजन जो कि अहिेसा पालन की दृश्टि से निशिद्ध है। Ratribhojana- Dinner (night meal ), Restricted in Jaina philosophy
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरिविजय – Harivijaya. Name of a summit of Nishadh mountain and its governing deity. निषध पर्वत का कूट तथा उसका स्वामी देव।
देशनालब्धि Instructional attainment (of right perception) in one’s life. सम्यग्दर्शन की 5 लब्धियों में एक लब्धि देशना देने वाले आचार्य आदि की प्राप्ति होना तथा उपदिष्ट अर्थ के ग्रहण, धारणा विचारण की सामथ्र्य प्राप्त होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हरित – Harita. Name of a famous river of Haritkshetra (region) of Jambudvip (island). जम्बूद्वीप के हरितक्षेत्र की प्रसिद्व नदी। 14 महानदियो मे यह 5 वीं नदी है। तिगिंछ सरोवर से निकलती है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हयग्रीव – भ्ंलंहतपपअंण् छंउम व िजीम 8जी चतमकमेजपदमक च्तंजपदंतंलंदण् भावीकालीन 8वे प्रतिनारायण का नाम।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हंसगर्भ – Hammsagarbha. Name of the 10th city situated in the north of vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत की उत्तर श्रेणी का 10 वां नगर।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परद्रव्य:Alien substance-any substance other than self. आत्म द्रव्य से अन्य समस्त सचित्त एवं अचित्त द्रव्य ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वार्थ – Svaartha. Spiritual upliftment of own soul. प्रोपकार की अपेक्षा न करके स्व-अर्थ अर्थात् आत्मकल्याण करना।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] स्वात्म रक्षा – Svaatma Raksaa. Self defence, the principle of non-violence. शुद्व भाव या आत्म रक्षा। आगम मे स्व और अन्य प्राणियो की अहिंसा का सिद्वान्त स्वात्म रक्षा के लिये ही है।