प्रतिपृच्छा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपृच्छा – Pratiprichchhaa. Re-questioning, reasking (accepting something after asking for it). समाचार का एक भेद; साधर्मी अथवा गुरु आदि से पहले दिए हुए उपकरणों को पुनः पुनः पूछकर ग्रहण करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपृच्छा – Pratiprichchhaa. Re-questioning, reasking (accepting something after asking for it). समाचार का एक भेद; साधर्मी अथवा गुरु आदि से पहले दिए हुए उपकरणों को पुनः पुनः पूछकर ग्रहण करना “
गोदावरी A river of Bharat Kshetra in Arya Khand (region). भरत क्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिच्छन्न – Praticchanna. A type of peripatetic deities. व्यन्तर देवों की भूत जाति का एक भेद “
गुरु स्पर्श आचार्य आदि वीतरागी गुरुओं के भक्ति से चरण छूना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतरावली – Prataraavalee. Squar of Aavalee ( a time unit). आवली का मार्ग “
गुण Virtues, Attributes, Merits. पूरे द्रव्य में जो व्यापक हो व द्रव्य के साथ सर्व पर्यायों में पाया जावे.द्रव्य के साथ सहभावी हो ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पनंदी – Puspanamdi. A disciple of Toranacharya & the preceptor of Prabhachandra. आप तोरणाचार्य के शिष्य और प्रभातचन्द्र के गुरु (ई. ७०३) थे “
गति द्विक Dyad of Karmic nature related to Gati. गति, गत्यानुपूर्वी(जैसे-तिर्यंच गति , तिर्यंच गत्यानुपूर्वी आदि)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्करावती – Puskaravati. Name of a palace of Bharat Chakravarti. भरत चक्रवर्ती का एक महल “
गण Group of three (saints etc). तीन चिरदीक्षित साधुओं का समूह , वृद्ध मुनियों का समुदाय (धवला एवं राजवार्तिक के अनुसार)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]