मोष!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोष–Mosh. Stealing. चोरी”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद् नास्ति – Syaad Naasti. The 2nd Bhang of Saptbhangi-exposition of nature of the substance in the aspect of negation.सप्तभंगी का दूसरा भंग-द्रव्य परचतुष्टय (द्रव्य, क्षेत्र, काल, भाव) की अपेक्षा से कथंचित् नास्ति रुप है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदमिमांसा : A type of disquisition door (Anuyogadvar). अनुयोग द्वार का एक भेद ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूल बीज–Mula Bija. Root – seeds. वनस्पति; जिनका मूल अर्थात् जड़ ही बीज हो (जो जड़ के बोने से उत्पन्न होती है) वे मूल बीज कही जाती है”
जघन्य स्पर्धक Group of lowest Varganas (aggregate of Karmic molecules). जघन्य वर्गणाओं का समूह जघन्य स्पर्द्धक है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यात्कार – Syaatkaara. Words having different meanings.अनेकान्तार्थक वाचक शब्द।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पतित षट्स्थान :A type of declining (related to property of A gurulaghu) अगुरूलघु गुण में होने वाला हानि रूप परिणमनः अनंतभाग हानि, असंख्यातभागहानि, संख्यातभागहानि, संख्यात गुण हानि , असंख्यात गुण हानि, अनंतगुण हानि।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशद – Vishada. Clear, Clean, Spotless, Pure. निर्मल, पवित्र, स्पष्ट ” जो प्रतिभास बिना किसी दूसरे ज्ञान की सहायता से स्वतंत्र व स्पष्ट हो “
जन्मकल्याणक-वंदना A reverential devotional act with prayer. कृतिकर्म ; सिद्ध भक्ति , चारित्र भक्ति व शान्ति भक्ति पढ़कर वंदना करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]