हेतु!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हेतु – Hetu. Cause, purpose, intention. जो साध्य के साथ अविनाभाविपने से निष्चित हो अर्थात् साध्य के बिना न रहे उसको हेतु कहते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] हेतु – Hetu. Cause, purpose, intention. जो साध्य के साथ अविनाभाविपने से निष्चित हो अर्थात् साध्य के बिना न रहे उसको हेतु कहते है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमात्मा:Supreme soul, Loard Arihant & Siddha.उत्कृष्ट आत्मा, अद्वैत एवं सिद्व भगवान ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृगशिरा–Mragshira. Name of a lunar. एक नक्षत्र; इसका अधिपति देवता सोम एवं आकार हिरण के सिर सामान है” भगवान्संभवनाथ का जन्म इसी नक्षत्र में हुआ था”
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिरण्योत्कृष्ट जन्मता – Hiranyotkrsta Janmataa. An auspicious activity (gold rain, pertaining to the birth of Tirthankar Jaina Lord). गर्भन्वयी 53 क्रियाओ मे 39 वीं किं्रया-तीर्थकरो के जन्म संबंधी उत्कृष्टता की सूचक अन्य बातो के साथ साथ स्वर्ण ही वर्षा होना।
फालि द्रवय A part of Karmic aggregates. समुदाय रूप कर्म निषेकों का खण्ड। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिंसक – Himmsaka. Violent or dangerous one. जो जीव क्रोध आदि कषाय सहित अर्थात् प्रमाद सहित है।
त्रयंग नमस्कार A type of bowing, in which both hands are folded with joining them and head is bowed. नमस्कार का एक भेद दोनों हाथ और सिर से नमस्कार करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हल्दी – Haldii. Turmetic. एक वनस्पति इसे सुखाकर भोजन बनाने मे एक मसाले के रुप मे प्रयोग किया जाता है।
त्रिसंयोगीस्थान प्ररूपणा Particular representation of different karmic nature. कर्म प्रकृतियों का उदय आदि की अपेक्षा विशेष निरुपण। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]