आहारपर्याप्ति नामकर्म!
आहारपर्याप्ति नामकर्म Complete development of body after trans-migration. आहार वर्गणा के परमाणुओं को खल व रसभाग रूप परिणामावने के कारणभूत जीव की शक्ति की पूर्णता।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आहारपर्याप्ति नामकर्म Complete development of body after trans-migration. आहार वर्गणा के परमाणुओं को खल व रसभाग रूप परिणामावने के कारणभूत जीव की शक्ति की पूर्णता।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य प्रत्यय – Bahya Pratyaya. External causes for passions. क्रोधादि रूप भाव कषाय कि उत्पति के कारण भूत जो जीव और अजीव रूप बाह्य द्रव्य है वह बाह्य प्रत्यय हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योनिभूत बीज – जिस बीज में जलादि का निमित्त पाकर जीव आकार पैदा हो सके। अथवा जिस जीव में उगने की षक्ति अर्थात सहित होने की षक्ति हो। Yonibhuta Bija-Seed germination
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्रा लिंग – Bahya Limga. External emblem or marks. बाहरी चिन्ह, दिगम्बरत्व “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्ष्मीकूट – षिखरी कुलाचल का छठा कूट। Laksmikuta-The 6th summit of Shikhari Kulachal (mountain)
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौर्य–मौण्डेय–Maurye–Maundey. The 5th& 6th chief disciples of Lord Mahavira. तीर्थंकर महावीर के 5वे एवं छठे गणधर का नाम”
उत्पाद Product, origination of any matter into new existence. द्रव्य का अपनी पूर्व अवस्था को छोड़कर नवीन अवस्था को प्राप्त करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निरीह – Nireeha. Desireless, Submissive. इच्छा रहित होना, उदासीन “