चक्री!
चक्री The Chakravarti, emperor, universal monarch. चक्रवर्ती ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दंड – दंडी संबध Relation of infliction & inflicting one. जो वस्तु के स्वरूप में मिला न हो । दंड के सम्बन्ध से पुरूष को दंडी कहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परस्पराभाव:Mutual non-existence of matters.एक द्रव्य में दूसरे द्रव्य का अभाव होना।
देयवस्तु Things to be donated like food, medicines, books etc. आहार, औषधि , शास्त्र , अभयदान देने वाली वस्तुएँ। इनके दान से दाता और पात्र दोनों के गुणों में वृद्धि होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दुर्दर्श A king of Yadu dynasty. यदु (यादव) वंश का एक राजा।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिधाकरण Three divisions of wrong (false) Karmas. मिथ्यात्व के तीन खंड करने की विधि को त्रिधाकरण कहते हैं मिथ्यात्व , सम्यक्मिथ्यात्व, सम्यक्प्रकृति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवकीर्ति An Acharya; disciple of Anantveerya. आचार्य ई. 990-1040 में अनंतवीर्य के शिष्य व गुणकीर्ति के सहधर्मा थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर नामकर्म – Shareera Naamkarma. Physique making Karmic nature causing formation of complete body. जिसके उदय से औदारिक आदि शरीर की रचना हो “
दृष्टिविष ऋद्धि A type of supernatural power (reg. a look causing curse). जिसके बल से रोषयुक्त हृदय वाले महर्षि के द्वारा देखा गया जीव सर्प द्वारा काटे गये के समान मर जाता है। जैन साधु इस ऋद्धि का कभी उपयोग नहीं करते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आनर्थक्य Unnecessary, Unnecessary possession of things. अनावश्यक भोग-उपभोग के लिए आवश्यकता से अधिक वस्तु रखना (भोगोपभोग परिमाण व्रत का एक अतिचार)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]