मूककेवली!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूककेवली–Mukakevali. Silent omniscient (having without resonant sound). कोई–कोई केवली उपदेश नहीं देता अर्थात दिव्यध्वनी नहीं खिरती उन्हें एककेवली कहते है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूककेवली–Mukakevali. Silent omniscient (having without resonant sound). कोई–कोई केवली उपदेश नहीं देता अर्थात दिव्यध्वनी नहीं खिरती उन्हें एककेवली कहते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभावती- पूर्व विदेह स्थित वत्सकावती देष की मुख्य नगरी, तीर्थकर मुनिसुव्रतनाथ की रानी। Prabhavati- Name of a city of VatskavatiKshetra (region) of the east Videha (region), Name of the wife of Lord Munisuvratnath
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पटदेवी : The chief female deities of Indras. भवनवासी इन्द्रो की देवियाॅं, प्रधान देवी, पटरानी, महिषी ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुंड– Mund. Controlling of sensual organs for following non–violence. 5 इन्द्रियों को वश में करना, 5 इन्द्रिय, वचन, हस्त, पाद, मन और शरीर बिना प्रयोजन काम में ना लेना, यह मुंडन कहलाता है ” इससेअहिंसा का पालन होता हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्रनाम स्तोत्र – Sahasranaama Stotra. Name of aneulogical spiritual hymn written by Jinsenacharya. श्री जिनसेनाचार्य द्वारा रचित भगवान ऋषभदेव के 1008 नामों का संस्कृत स्तोत्र ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यंजन –Vyainjana. Consonant (33), Delicious food items, symbolic marks on the body or any matter. अव्यक्त शब्ददी (आधी मात्रा वाले अक्षर) के समूह या वचन को व्यंजन कहते हैं, क् ख् ग् आदि अक्षर ” इन व्यंजन को स्वर के साथ संयुक्त करने पर ही इनका उच्चारण होता हैं ” जैसे –…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहभूत – Sahabhoota. The properties of a matter (co-existing or associating). सहकारी, सामान्य विशेष गुण द्रव्यों के सहभूत जानने चाहिए ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराग विचय – Viraga Vichya. Wishing for the renouncement from the world with the contemplation about the nature of world, body & enjoyments. संसार, शरीर एवं भोगों के स्वरूप का चिंतन करते हुए वैराग्य की भावना करना विराग विचय हैं “
सत्य- अच्छे पुरुषों के साथ साधु वचन बोलना सत्य है। धर्म की वृद्धि के लिए धर्म सहित बोलना वह सत्य कहाता है । इस धर्म के व्यवहार की आवश्यकता ज्ञान चारित्र के सिखाने आदि में लगती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशुध्द – Vishuddha. Pure, Genuine, Unadulterated, True. पवित्र, निर्दोष ” विशुध्दकर्म का कार्य होने से आहारक शरीर को विशुध्द कहा है “