तिर्यक् चतुष्टकय!
तिर्यक् चतुष्टकय A quartet related to subhuman beings (Tiryanch). तिर्यच गति, तिर्यचगत्यानुपूर्वी, तिर्यचआयु, उद्योत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिर्यक् चतुष्टकय A quartet related to subhuman beings (Tiryanch). तिर्यच गति, तिर्यचगत्यानुपूर्वी, तिर्यचआयु, उद्योत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तिर्यच जीव Animal and plants, beings other than human, celestial & infernal beings. मनुष्य, देव और नारकी जीवों को छोडकर शेष एकेन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय जीव तिर्यंच जीव कहलाते हैं । मन वचन काय की कुटिलता को प्रापत , निकृष्ट अज्ञानी और जिनके अत्यधिक पाप की बहुल्ता पायी जाये , उसको तिर्यंच कहते हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलऋद्धि- एक ऋद्धि जो मन, वचन व काय क भेद से तीन प्रकार की होती है। परीाहों के सहने में बलप्रदायिनी ऋद्धि। बाहुबली भगवान ने यह ऋद्धि अपने तपोबल से प्रप्त की थी। Balarddhi- A type of supernatural power related to strength
तालाब Pond, the 8th dream of Bharat Chakravarti (an emperor) out of 16 dreams. भरत चक्रवर्ती के 16 स्वपनों में 8 वें स्वप्न, जिसमें मध्य भाग में सूखा तालाब देखा।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तापस An ascetic, A country of Bharat Kshetra in the west Arya khand (region). एक तपस्वी , भरतक्षेत्र के पश्चिम आर्यखण्ड का एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
महापुराण- आचार्य जिनसेन कृत कलापूर्ण संस्कृत काव्य जिसे इनकी मृत्यु के पश्चात् इनके शिश्य आ0 गुणभद्र ने पूरा किया । जिनसेन वाले भाग का नाम आदि पुराण है जिसमें भगवान ऋषभ तथा भरत बाहुबलि का चरित्र चित्रित किया गया है। इसमें 47 पर्व तथा 15000 श्लोक है गुणभद्र वाले भाग का नाम उत्तर पुराण है…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बाधक- जो रुकावट को कारण हो जैसे, मिथ्यात्व कर्म सम्यक्त्व का बाधक है। Badhaka- Obstuctive, hindering, restrictive
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बादर-बादर- स्कंधो के 6 भेद; स्थूल स्थूल; वे पुद्गल स्कंध जो दो टुकडे़ किये जाने पर स्वयं न मिले जैसे- कागज, काष्ठ आदि। Badara- badara- Solid, Gross substance, A type of inadeshive materials