मौनाध्ययनवृत्ति!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौनाध्ययन वृत्ति– Maunaadhyayan vratti. To study silently. शास्त्र समाप्ति पर्यत गुरु के पास मौनपूर्वक अध्ययन करना”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौनाध्ययन वृत्ति– Maunaadhyayan vratti. To study silently. शास्त्र समाप्ति पर्यत गुरु के पास मौनपूर्वक अध्ययन करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सोमवंश – Somavansha. Another name of Chandravansh ( a dynasty) initiated from theson of Lord Bahubali. चन्द्रवंश । देखें – सोमयश । सोमवंश को ऋषिवंश भी कहते है।
उष्ण परीषह Heat thermal affliction . 22 परीषह में एक परीषह, ग्रीष्मकाल में उपवास आदि के कारण उत्पन्न दाह से पीडि़त होने पर प्रतिकार के बिना समतापूर्वक सहन करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्महृद:A lake situated at Himvan mountain. हिमवान् पर्वत स्थित हृद (तालाब)।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोहनीय कर्म प्रकृति–Mohniya Karm Prakrati. Karmic nature of delusion. 8 कर्मो में चौथा कर्म; जिस कर्म के उदय से जीव हित–अहित के विवेक से रहित होता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वल्लिभूमि – Vallibhoomi. The third land of Samavsharan (assembly of Lord). समवशरण की तीसरी भूमि ;अपरनाम लताभूमि ,यह अनेकों क्रीड़ा पर्वतों व वापिकाओं आगि शोभित है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग वचन –VitaragaVachana. Super speech of Lord Arihant, Contents of scrip-tures. आगम; आप्त के वचन, जिन्होंने जन्म जरा आदि १८ दोषों को नष्ट कर दिया है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्धमानसागर (आचार्य) – Vardhamaanasagar (Aachaarya).: Name of a Digamber Jain Acharya, the disciple of Acharya Dharmasagar Maharaj in the tradition of Charitra Chakravarti Acharya Shri Shantisagar ji Maharaj. चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज की परम्परा के एक वर्तमान आचार्य “इन्होंने सन् 1967 में पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से गृहत्याग…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मनिभ: A king of Vidyadhara dynasty. विद्याधर वंश का एक राजा ।