चक्रधर्मा!
चक्रधर्मा A king of Vidyadhar dynasty. विद्याधर वंश का एक राजा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चक्रधर्मा A king of Vidyadhar dynasty. विद्याधर वंश का एक राजा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभीषण – Vibhishana. The younger brother of Ravan, who ultimately initiated with Ram Chandra and became a heav-enly deity. रावण का छोटा भाई व रत्नश्रावा का पुत्र ” अंत में राम के साथ दीक्षित हुआ और अनुदिश विमान में देव हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संचालन – Sanchaalana. Conduction, Directing, Managing. जिन जिव प्रदेशों का चलन भ्रमण होता हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपरिणामना – Viparinamana. Change or modification in state. सत् के द्वारा अवस्थान्तर की प्राप्ति होना ” यह प्रक्रति विपरिणामना, स्थितिविपरिणामना, अनुभाग- विपरिणामना, प्रदेशविपरिणामना ४ प्रकार की होती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शूद्रवर्ण – Shudravarna. See- Shudra Varna. देखें शूद्रवंश ” शिल्प आदि से सम्बन्ध रखने वाला वर्ण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समान खंड – Samaana Khanda. Equal parts or divisions. तुंल्य या सदृष भाग।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सुख : == जं च कामसुहं लोए जं च दिव्वं महासुहं। वीतरागसुहस्सेदे णंतभागं पि णग्घई।। —मूलाचार : १४४ लोक में काम—भोगों से मिलने वाला सुख और देवों को मिलने वाला महासुख उस सुख का अनंतवाँ हिस्सा भी नहीं, जो वीतराग को प्राप्त हुआ करता है।
चलित In moving state, In motion. स्पंदन , हिलना , विचलित होना या बिगड़ जाना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाधिरस्तु – Samaadhirastu. Auspicious blessing for the religious progress. आशीर्वाद वाचक शब्द, अर्थात् समीचीन धर्मध्यान बना रहे। यह आषीर्वाद व्रतियो के लिए साधुजन देते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रबाहुचरित – Bhadrabahucarita. A book written by Acharya Ratnakirti. आचार्य रत्नकीर्ति (ई. १५१५) द्वारा रचित एक ग्रंथ “