नीचोपपाद देव!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीचोपपाद देव – Neechopapaada. A type of peripatetic celestials. एक प्रकार की व्यंतरजातीय देव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीचोपपाद देव – Neechopapaada. A type of peripatetic celestials. एक प्रकार की व्यंतरजातीय देव “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्म:Verse, Four months stay of saints at a particular place during rainy season. काव्य, साधु का एक स्थितिकल्प वर्षाकाल के चार मास पर्यंत एक स्थान पर ही रहना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुध्द्ववीर्य – Buddhavirya. Name of the questioner of Lord Pushpadant. तीर्थकर पुष्पदंत के समवसरण में मुख्य प्रशनकर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसृष्टार्थ – Nisrishtaartha. Best message conveyor. संदेशवाहक सर्वश्रेष्ठ दूत, कार्य में सफलता प्राप्त करना इसका उद्देश्य रहता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्माल:A city in the north of Vijayardh (mountain). विजयार्ध की उत्तर श्रेणी का एक नगर ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचर्याणुव्रत – Brahmacaryanuvrata. Vow of partial celibacy, to limit the desires with own wife only. ५ अणुव्रतों में व्रत; एक देश ब्रम्हचर्य पालना अथवा स्वदारसंतोंष रखना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन प्रयोग कर्म – Vachan Prayoga karma.: A type of Prayoga karma (Pertaining to speech). प्रयोग कर्म के 3 भेदों में एक – जो संसार अवस्था में स्थित जीवों के और सयोग केवलियों के होता हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भक्त – Bhakta. A devout, a devotee, a pious person, Some-thing divided or separated. धार्मिक, धर्म या धर्मगुरु के प्रति समर्पित व्यक्ति, गणित की भागाहार विधि में भाज्य राशी को भागहार द्वारा भक्त किया गया कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मवान् : Name of a region of Western Videh (region), A summit of Vikritvan Vakshar, Nabhigiri mountain of Ramyak Kshetra (region) अपर विदेह स्थित एक क्षेत्र, विकृतवान् वक्षार का एक कूट, रम्यक क्षेत्र का नाभिगिरी ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव अस्तित्व – Bhava Astitva. A property of matter related to its eternal exist- ence. द्रव्यों के ६ सामान्य गुणों में एक गुण, जिसके निमित्त से द्रव्य का कभी नाश नहीं होता “