दृढ़चर्याक्रिया!
दृढ़चर्याक्रिया To have strict faith in own philosophy. दीक्षान्वय की 48 क्रियाओं में एक शास्त्र के अर्थ का अवधारण करके स्वमत में दृढ़ता धारण करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दृढ़चर्याक्रिया To have strict faith in own philosophy. दीक्षान्वय की 48 क्रियाओं में एक शास्त्र के अर्थ का अवधारण करके स्वमत में दृढ़ता धारण करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जघन्य स्पर्धक Group of lowest Varganas (aggregate of Karmic molecules). जघन्य वर्गणाओं का समूह जघन्य स्पर्द्धक है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यात्कार – Syaatkaara. Words having different meanings.अनेकान्तार्थक वाचक शब्द।
दुष्ट प्रमृष्ट निक्षेप Placing something carelessly (a type of Ajivadhikaran). अजीवाधिकरण का एक भेद दुष्टता पूर्वक असावधानी से वस्तु को रखना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जन्मकल्याणक-वंदना A reverential devotional act with prayer. कृतिकर्म ; सिद्ध भक्ति , चारित्र भक्ति व शान्ति भक्ति पढ़कर वंदना करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहज दुःख – Sahaja Dukha. Natural trouble or pain. स्वाभाविक क्षुदाधि से उत्पन्न होने वाला दुःख ।
दुग्धवारिधि Name of the ocean of milk, another name of Ksheer ocean. मध्यलोक के पांचवे समुद्र क्षीरसागर का अपरनाम, इसी समुद्र से तीर्थंकरों के जन्माभिषेक का जल इन्द्रों द्वारा लाया जाता है तथा इसी में तीर्थंकरों द्वारा लुंचित केशराशि का क्षेपण किया जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जघन्य अनुभाग A division of Anubhag Bandhi; the lowest (minimum) power (energy of karmas) of matter (related to wrong faithed one). अनुभाग बंध के १४ भेदों में एक भेद ; सातवें नरक में प्रथामोपशम सम्यक्त्व के सम्मुक हुआ मिथ्यादृष्टि जीव मिथ्यात्व गुणस्थान के अंत समय में जघन्य नीच गोत्र का अनुभाग बंध करता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दुःख Sorrow, Grief, Trouble, Pain. असातावेदनीय के उदय से होने वाला खेद व आकुलतारूप परिणाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जम्भाई Yawn (to stop yawning is a physical mortification). उबासी,अयनादि कायक्लेश का एक भेद ; जम्भाई , छींक आदि को रोकना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]