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त The sixteenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का सौलहवाँ व्यंजन अक्षर , इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
त The sixteenth consonant of the Devanagari syllabary. देवनागरी लिपि का सौलहवाँ व्यंजन अक्षर , इसका उच्चारण स्थान दंतमूल है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवाद – Sanvaad. Dialogue, Conversation. बातचीत, वार्तालाप, सहमती “
आभ्यन्तर प्राण Internal vitalities. भावप्राण वीर्यान्तराय, मतिज्ञानावरण इन्द्रियावरण आदि का क्षयोपशम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
एक एकसंगति One – to – one correspondence. एक का एक के साथ संबंध होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ऋतु Season, Name of first Patal (layer) and Indrak of Saudharm heaven. मौसम (ऋतु-ये छः होती है-ग्रीश्म , शीत, वर्षा, हेमन्त, वसन्त, शिशिर), सौर्धकम सवर्ग का प्रथम पटल व इन्द्रक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देवशर्मा The 5th chief disciple of Lord Rishabhanath. भगवान ऋषभदेव के 84 गणधरों में से 5वें गणधर का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सापेक्ष दृष्टि – Saapeksha Drshti. Relativity. स्याद्धाद । जो वस्तु अनेकांत रूप है वही सापेक्ष दृष्टि से एकान्त भी है। श्रुतज्ञान की अपेक्षा अनेकांत रूप है और नय की अपेक्षा एकांत रूप है। बिना अपेक्षा के वस्तु का स्वरूप नही देखा जा सकता ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] साधित – Saadhita. Adored, Achieved, Accomplished. स्ंसिद्धि, राध, सिद्ध, साधित और आराधित ये शब्द एकार्थक है ।
चोरी- बिना दी हुई वस्तु का लेना चोरी स्तेयहै। इस कथन का अभिप्राय है कि बाह्य वस्तु ली जाय या न ली जाय किंतु जहाँ संक्लेशरूप परिणाम के साथ प्रवृति होती है, वहाँ चोरी का दोष लगता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]