रत्नसंचया!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नसंचया – विदेह क्षएत्र की 32 नगरियो मे 16 नगरी Ratnasancaya- Name of the 16th city situated in Videh Kshetra (region)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नसंचया – विदेह क्षएत्र की 32 नगरियो मे 16 नगरी Ratnasancaya- Name of the 16th city situated in Videh Kshetra (region)
खड्गा A main city of subalgu country of western videh (region). अपर विदेह में स्थित सुबल्गु देश की मुख्य नगरी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युगपत – एक साथ जैसे केवल ज्ञान होने के बाद अनन्त ज्ञान व अनन्त दर्षन एक साथ ही होता है। Yugapata-Unitedly, Combinedly
खेचर Another name of Vidyadhars, moving through the sky. विद्या के द्वारा आकाश में गमन करने वाले मनुष्य अर्थात् विद्याधर । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नकंबल – रत्नों से बना एक कंबल। उज्जैन की सेठानी यषोभद्रा ने अपने पु़त्र सुकुमाल की पत्नियों के लिए रत्नकंबल खरीदा और पुत्र वधुओं के लिए उसकी जूतिया बनवायी। देंखें – सुकुमाल चरित्र Ratnakambala-Blanket of jewels
खेट Area surrounded by mountains and rivers. पर्वत और नदी से घिरा हुआ ग्राम, नगर । [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगस्थान – योगषक्ति परिणमन के दर्जे इसके उपपाद एकांतानुवृद्धि परिणामयोग तीन भेद है। Yogasthana-The different grades of activities related to mind, speech & body
खर कर्म Injurious trades, to use animals in transportation etc. प्राणियों को पीड़ा उत्पन्न करने वाला व्यापार .जैसे बोझा ढोना, तेल निकालना आदि ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भागदत्त – Bhagadatta. Name of the 53rd chief disciple of Lord Rishabhdev. तीर्थकर वृषभदेव के ८४ गणधरों में वें गणधर “