इन्द्रिय निग्रह!
इन्द्रिय निग्रह See – I´driya Rodha. देखें इंद्रिय रोध।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
इन्द्रिय निग्रह See – I´driya Rodha. देखें इंद्रिय रोध।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तदाहृतादान Purchasing of stolen materials. अचैर्याणुवृत का एक अतिचार, चोर से चोरी का माल खरीदना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतिगम्य – Shrutigamya. Knowledge acquired by something heard. अनपेक्षित रूप से प्रवृत्ति में कारण व श्रुतिमात्र से बोधित श्रुतिगम्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध (कर्मबंध)-कर्मो का बन्धना बन्ध है, यह 4 प्रकार का होता है; प्रकृति, स्थिति, अनुभाग, प्रदेष। Bandha (karmabandha)- Karmic bond
टंकोत्कीर्ण Something engraved, An adjective word for pure soul. टाँकी से उत्कीर्ण अक्षर, चित्र आदि। आत्मा के ज्ञायक स्वभाव को टंकोत्कीर्ण के समान कहा है। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतज्ञानी – Shrutgyaani. One well versed in scriptual knowledge. वस्तुस्वरुप को जानने वाला; श्रुतज्ञान अर्थात् शास्त्रज्ञान में पारंगत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्त्व त्रिभंगी – Sattva Tribhangee. Name of a treatise written by Acharya Kanaknandi. आचार्य कनकनंदि (ई. 339) कृत 50 गाथा प्रमाण कर्म विषयक ग्रंथ “
तत्वरूचि Reverence with interest for tattvas. सम्यग्दर्शन तत्व श्रद्धान या ततवों के प्रति रूचि होना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
आनुपूर्वी संक्रम First activity for internal operation related to delusive karmas. एक नितयक्रम में संक्रम अंतरकरण करने के प्रथम समय में मोहनीय कर्म संबंधी 7 करणों में प्रथम करण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उद्योत Cold effulgence, Radiance, Lustre. चन्द्रमा मणि (चन्द्रकांत मणि) जुगनू आदि के निमित्त से जो प्रकाश पैदा होता है। उसे उद्योत कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]