भिन्न परिकर्माष्ठक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिन्न परिकर्माष्ठक – Bhinna Parikarmastaka. Different type of mathematical operations ap- plied over a fraction. अंश व हर का संकलन, व्यवकलन, गुणकार, भागहार, वर्ग, वर्गमूल, घन और घनमूल करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिन्न परिकर्माष्ठक – Bhinna Parikarmastaka. Different type of mathematical operations ap- plied over a fraction. अंश व हर का संकलन, व्यवकलन, गुणकार, भागहार, वर्ग, वर्गमूल, घन और घनमूल करना “
जघन्य अनंतानंत A measure of infinite numbers. जघन्य युक्तानन्त का वर्ग ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वार्थ सूत्र वृत्ति A book written by Bhaskarnandi. ई. सन् 1296 में भास्कर नन्दि कृत एक ग्रंथ। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राषि – अंक या संख्याएं ज्यातिश्चक्र की बारह राषियां। जो जन्मकुडली एवं पंचाग आदि से ज्ञात की जाती है। Rasi-Any number of quantity, the sign
जगतुंग A king of Rashtrakuta dynasty. राष्ट्रकूट वंश का एक राजा , राज्यकाल (ई. १८०७) , अमोघवर्ष प्रथम के पिता ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तडिदवक्त्र The king of Vidyadhars. विद्याधरों का राजा, राम का पक्षधारी। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूचकाभ – कुण्डलवर पर्वत का एक कूट। Rucakabha-name of a summit of Kundalvar Mountain
जम्बूवृक्ष Blackberry tree, The first island of middle universe is called Jambudvip on the name of this natural (Akratrim) tree, Initiation tree of Lord Vimalnath. जामुन का वृक्ष ; अकृत्रिम जम्बूद्वीप रचना के अनुसार सुमेरू पर्वत की उत्तर दिशा में उत्तरकुरु भोगभूमि में स्थित पृत्वीकायिक एक अकृत्रिम वृक्ष. इसके नाम पर ‘जम्बूद्वीप’ का नाम सार्थक…
ततप्रदोष Jealousy, Spite (a fault). ज्ञानावरण, दर्शनावरण कर्म के आस्रव का एक कारण तत्वज्ञान के उपदेश कर्ता के प्रति सुख से कुछ न कहते हुए हृदय में ईर्ष्या रखना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोभद्र – श्रुतकेवली भद्रबाहु द्वि के गुरू जो आचारांग के गुरू थे। समय ई पू 53 – 35 Yoshobhadra and another name of Acharya Bhadrabahu (II)