तत्वविचार!
तत्वविचार Analysis of doctrines of reality (related to matters). कर्मक्षय के निमित्ता रूप पदार्थों का विचार कर वस्तु स्वरूप समझना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
तत्वविचार Analysis of doctrines of reality (related to matters). कर्मक्षय के निमित्ता रूप पदार्थों का विचार कर वस्तु स्वरूप समझना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शोक (कर्मप्रकृति) – Shoka(Karmaprakriti). Karmic nature causing griefor sorrow. नोकषाय के 9 भेड़ों में एक भेद; जिसके उदय से शोक भाव होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रव्रज्या- सप्त परम स्थान में से एक; सम्पूर्ण परिग्रह त्याग कर Þजिनदीक्षाß ग्रहण करना। Pravrajya- Renunciation of worldly affair for Jaina initiation
चन्द्रपर्वत Daughter of Ratnashrava & sister of Ravana. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चंवर An auspicious article which is to be kept near Tirthankars’ (Jaina-Lords’) idol. प्रतिमा के पास में विद्यमान रहने वाले अष्ट मंगल द्रव्यों में एक ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्याख्यानावरण कर्मप्रकृति- pratyakhyanavarana karma prakrti Karmic nature obscuring positive relation चारित्र मोहनीय कर्म का एक भेद। संयम को रोकने वाली कशाय, जिसके उदय से संयम नामवाली परिपूर्ण विरति को यह जीव करने में समर्भ नही होता है।
चन्द्रपुर A city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर, चंद्रप्रभ भगवान की जन्मनगरी (चंद्रपूरी), जो वाराणसी नगरी के पास स्थित है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यक्षज्ञान- pratyaksajnana Direction knowledge gained by the soul itself without any external help. इनिद्रय और मन की सहायता के बिना जो ज्ञान पदार्थ को स्पश्ट जाने, इसके दो भेदहैं- देष प्रत्यक्ष (अवधि एवं मन:पर्ययज्ञान) एवं सकल प्रत्यक्ष (केवलज्ञान)
गोपुर Houses constructed on the door of rampart. कोटों के दरवाज़ोन पाकर जो घर बने होते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संबंध : == पंथे पहियजणाणं जह संजोओ हवेइ खणमित्तं। बंधुजणाणं च तहा संजोओ अद्धुओ होई।। —कार्तिकेयानुप्रेक्षा : ८ जैसे मार्ग में पथिकजनों का संयोग क्षणमात्र होता है, वैसे ही बंधुजनों का संयोग अस्थिर है।