पदमिमांसा!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदमिमांसा : A type of disquisition door (Anuyogadvar). अनुयोग द्वार का एक भेद ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदमिमांसा : A type of disquisition door (Anuyogadvar). अनुयोग द्वार का एक भेद ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूल बीज–Mula Bija. Root – seeds. वनस्पति; जिनका मूल अर्थात् जड़ ही बीज हो (जो जड़ के बोने से उत्पन्न होती है) वे मूल बीज कही जाती है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्द्धमानसागर (मुनि) – Varddhamaanasagar (Muni). Name of a Digamber Jain saint, the disciple of Charitra Chakravarti Acharya Shri Shantisagar ji Maharaj and the elder brother of his house hold life. चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज के गृहस्थावस्था के बड़े भाई ,जिन्हें अत्यंत पुरुषार्थपूर्वक आचार्य श्री ने घर से निकालकर मुनिदीक्षा प्रदान कर…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचचारित्र सिद्ध – Panchachaaritra Siddha. Beings salvated due to five kinds of right conducts (in accordance with Bhutpragyapan Naya). भूतप्रज्ञापन नय की अपेक्षा पंच चारित्र से सिद्ध होने वाले जीव “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पतित षट्स्थान :A type of declining (related to property of A gurulaghu) अगुरूलघु गुण में होने वाला हानि रूप परिणमनः अनंतभाग हानि, असंख्यातभागहानि, संख्यातभागहानि, संख्यात गुण हानि , असंख्यात गुण हानि, अनंतगुण हानि।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशद – Vishada. Clear, Clean, Spotless, Pure. निर्मल, पवित्र, स्पष्ट ” जो प्रतिभास बिना किसी दूसरे ज्ञान की सहायता से स्वतंत्र व स्पष्ट हो “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवाहिता स्त्री – Vivahita Stri. Married Woman, accepted ritually. देवशास्त्रगुरु को नमस्कार कर तथा अपने भाई – बन्धुओं की साक्षीपूर्वक जिस कन्या के साथ विवाह किया जाता है वह विवाह स्त्री कहलाती है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव मार्गणा – Bhava Margana. Psychical investigation. जिन भावों के द्वारा जीवों का अन्वेषण किया जाता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पटवि़द्या :A type of knowledge related to antipiosionousness. विषापहारिणी गारूडी विद्या ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौर्यपुत्र–Mauryputra. Name of a chief disciple of Lord Mahavira. भगवान् महावीर के एक गणधर का नाम”