उष्णाष स्तम्भ!
उष्णाष स्तम्भ Three and a half crores. घर का शिखर या चोटी का पत्थर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उष्णाष स्तम्भ Three and a half crores. घर का शिखर या चोटी का पत्थर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रव्यविचिकित्सा Physical disgust (pertaining to excreta etc.) विष्ठा आदि पदार्थों में ग्लानि का होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वशार्तमरण – Vashaartamaran.: A kind of death of one under all worldly panic desires. आर्त्त रौद्र ध्यान सहित मरण ” यह 4 प्रकार का है – इन्द्रियवशार्त, वेदनावशार्त, कषायवशार्त और नोकषायवशार्त “
द्रव्य प्रतिक्रमण Reading Pratikraman Dandak etc. religious key lessons is called Dravya Pratikraman. गौतम गणधर द्वारा रचित प्रतिक्रमण दण्डक आदि सूत्र पाठ पढ़ना द्रव्यप्रतिक्रमण है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्मिला – Varmilaa.: Another name of mother of Lord Parshvanath. भगवान् पार्श्वनाथ की माता वामा देवी का अपरनाम ” इनका एक नाम ब्राह्मी भी आता है “
द्रव्य निक्षेप Substantive installing. द्रव्य का आगामी या पूर्व पर्याय की अपेक्षा कथन करना, जैसे राजपुत्र को राजा कहना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सोमदत्त – Somadatta. Name of the 8th chief disciple of Lord Rishabhnath. Name of a particular person of Jaina History. तीर्थकर वृषभनाथ के 8 वें गणधर । एक सेठ जिन्होंने जिनदत्तसेठ से आकाशगामिनी वि़द्या को सिद्ध करने का उपाय सीखा, परन्तु अस्थिर चित्त के कारण सिद्ध न कर सके, उसको विद्युच्चर चोर ने सिद्ध…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यकूट – Bhavyakuta. A type of stoop with rediant summits (in Samavasharan-assembly of Lord Arihant) समवशरण में दैदीप्यमान शिखरों से युक्त एक स्तूप एक जिसे भव्य जीव ही देख पाते हैं ” इसे अभव्य जीव नहीं देख पाते हैं क्योंकि स्तूप के प्रभाव से उनके नेत्र अंधे हो जाते हैं “
द्रव्य आस्रव Physical or material influx. जीव में मिथ्यात्व आदि कारणों से पुद्गलों का कर्म रूप से आगमन होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]