त्रसकाय!
त्रसकाय Mobile beings (two sensed to five sensed beings). स्थावर जीवों को छोडकर दो इन्द्रियों से पंचेन्द्रिय तक के जीव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रसकाय Mobile beings (two sensed to five sensed beings). स्थावर जीवों को छोडकर दो इन्द्रियों से पंचेन्द्रिय तक के जीव । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
जयपाल Name of an Acharya possessing knowledge of 11 Angas (scriptural knowledge). ११ अंगधारी पांच मुनियों में दूसरे मुनि (वी. नि. ३६३-३८३)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्वापसरण – Satvaapasarana. Regression of Karmic nature. कर्म प्रकृतियों का सत्ता में घटना या अपसरण होना “
तैतिल A country situated in Bharat kshetra (region). भरत क्षेत्र में स्थित एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनयंधर – Vinayandhara. Name of a great Acharya possessing some knowledge of Anga & Purva (part of scriptural knowledge). लोहाचार्य के बाद हुए अंग और पुर्वों के एक देश के ज्ञाता ४ मुनियों में प्रथम मुनि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्व-उपकार – Sra – Upakaara. Benefitting self (reg. soul).आत्महित।
तेईस सिंह Twenty three lions-the 1st dream of Bharat Chakravarti (an emperor) out of 16 dreams. भरत चक्रवर्ती को आए 16 स्वपनों में प्रथम स्वपन । इसका फल है वीर के अतिरिक्त 23 तीर्थंकरों के समय दुष्ट नयों की उत्पत्ति का अभाव होगा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोरमा- Manoramaa. Something attractive or beautiful, Name of the daughters of king Pawanveg and Chakravarti Abhayaghosh. विजयार्ध पर्वत पर मेघपुर नगर के राजा पवनवेग की पुत्री , चक्रवर्ती अभयघोष की पुत्री का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादेकत्व – Syaadekatva. Oneness in nature (in some aspect).द्रव्य के सामान्य 11 स्वभावो मे एक स्वभाव। सम्पूर्ण स्वभावो का एक आधार होने से कथंचित् एक स्वभाव होना।
तुल्य बल विरोध Having opposition equally. विरोध का एक प्रकार, ज्ञान को मान लेने पर सब पदार्थें का शून्यपना नहीं बन पाता है और सबका शून्यपना मान लेने पर स्वसंवेदन की सत्ता नहीं ठहरती है यह तुल्य बल विरोध है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]