ध्वनि!
ध्वनि Sound, Resonant preaching of Tirthankars (Jaina-Lords). शब्द, प्रतिध्वनि, कोलाहल, वाद्ययंत्र की ध्वनि, तीर्थंकरों की ओंकर रूप दिव्यध्वनि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ध्वनि Sound, Resonant preaching of Tirthankars (Jaina-Lords). शब्द, प्रतिध्वनि, कोलाहल, वाद्ययंत्र की ध्वनि, तीर्थंकरों की ओंकर रूप दिव्यध्वनि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट् अनायतन – Sat Anaayatana. Six reasons of false belief. मिथ्यात्वादि के कारणाभूत 6 स्थान; कुदेव, कुगुरू, कुशास्त्र व इन तीनों के भक्त “
ध्रुव अवग्रह Lasting apprehension. जो यथार्थ ग्रहण निरंतर होता है जैसा प्रथम समय में शब्द आदि का ज्ञान हुआ था आगे भी वैसा ही होता रहता है, कम या ज्यादा नहीं होता यह ध्रुव-अवग्रह है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रेणिमार्ग – Shrenimaarga. Two particular stages (Upasham Shreni & Kshapak hreni) in the path of salvation. उपशम और क्षपक श्रेणी दो श्रेणिमार्ग हैं जिन पर निर्ग्रंथलिंग वाले मुनि चढ़ते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रारंभ क्रिया- आस्त्रव की 25 क्रियाओं में एक क्रिया; छेदन-भेदन आदि क्रियाओं में तत्पर रहना। Prarmbha Kriya- continues involvement in different activities
धृतिकूट Name of the summits situated at Nishadh & Ruchak mountains. निषध एंव रूचक पर्वत पर स्थित कूटों के नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुततीर्थ – Shrutateertha. An auspicious event (Veer Shashan Jayanti) related to the first resonant preaching of Lord Mahaveera. श्रावण कृष्ण प्रतिपदा (वीर शासन जयंती) को श्रुततीर्थ दिवस कहते है क्योंकि इसी दिन सुबह अभिजित नक्षत्र में तीर्थ (वीर शासन) की उत्पत्ति हुई थी ” अर्थात् राजगृही के विपुलाचल पर्वत पर भगवान महावीर की प्रथम…
धूम Name of a planet. ज्योतिषी के 88 ग्रहों में से 24 वां ग्रह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]