प्रकार!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकार – Prakara. Type, kind, Mode. भेद, भंग, भाग, पर्याय आदि “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकार – Prakara. Type, kind, Mode. भेद, भंग, भाग, पर्याय आदि “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैयावृर्त्ति –Vaiyavrtti Pious service to the saints. साधूसुश्रूषा, सेवा, उपचार, गुरु के अनुकूल परवर्ती करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशाखा – Vishakha. Name of a lunar. एक नक्षत्र ” तीर्थकर सुपाशर्वनाथ और पाशर्वनाथ का जन्म इसी नक्षत्र में हुआ था “
एक – अंगधर Acharyas possessing knowledge of one Anga (scriptural knowledge). जिन आचार्यों को द्वादशांग के एक अंग का ज्ञान था, विनयदत्तादि 4 आचार्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोह विवेक युद्ध–Moha Vivek Yuddh. Name of a book. एक ग्रंथ का नाम”
आतपन योग An austerity; to stand opposite to sun in summer season. एक तप ग्रीष्म ऋतु में पर्वत के शिखर पर सूर्य के सम्मुख खडे़ होकर योग धारण करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वासनाकाल – Vaasanaakaala.: Period of passionful thoughts. किसी विशेष कषाय भाव का संस्कार बना रहना “जैसे अनंतानुबंधी कषाय का वासनाकाल 6 महीने के ऊपर अनंत भवों तक भी रह सकता है एवं संज्वलन कषाय अंतर्मुहूर्त में ही समाप्त हो जाती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लिंगसावरण – स्त्रीयो का लिग सावरण कहा गया है। Limgasavarana-The female ascetics
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विस्तार दर्शनार्य –VistaraDarsanarya. A type of noble persons. दर्शनार्य १० प्रकार के होते हैं उनमें से विस्ताररूचि वाले सम्यग्द्रष्टि को विस्तार दर्शनार्य कहते हैं “