स्वस्त्री!
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्त्री – Svastrii. Own life accepted with social customs & rituals. दैव शास्त्र गुरु को नमस्कार कर तथा अपने भाई बन्धुओ की साक्षी पूर्वक जिस कन्या के साथ विवाह किया जाता है वह विवाहित स्त्री कहलाती है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वस्त्री – Svastrii. Own life accepted with social customs & rituals. दैव शास्त्र गुरु को नमस्कार कर तथा अपने भाई बन्धुओ की साक्षी पूर्वक जिस कन्या के साथ विवाह किया जाता है वह विवाहित स्त्री कहलाती है।
दर्शनमोहनीय कर्म Right faith deluding Karmas. जिस कर्म के उदय से देवशास्त्र गुरू एवं तत्वों के प्रति अश्रद्धान का भाव होता हो , यह सम्यग्दर्शन का घात करती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भित्ति कला – Bhitti Kala. Mural art (art related to wall- painting). दीवार पर बनने वाली चित्रकला “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य अनर्थदंड – Bahya Anarthadamda. To abandon huntings etc. शिकार खेलना आदि का त्याग करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वरुप संवेदन – Svaruupa Samvedana. Spiritual consciousness. आत्म विषयक उपयोग।
त्रस चतुष्क A quartet (related to mobile beings-Trasa) of some Karmic nature. त्रस, बादर, प्रत्येक, पर्याप्त। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संदिग्ध अन्न – Sandigdha Anna. Doubtful edible material infected with bacteria or insects. ऐसे खाद्य पदार्थ जिसमें त्रस जीवों के रहने का संदेह हो “
ऐन्द्रिय दुःख Sensual pain. इन्द्रियों के द्वारा प्राप्त दुःख।[[श्रेणी:शब्दकोष]]