ईर्या!
ईर्या Movement, Manner of moving. गति गमन योग।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
श्वेताम्बर – Shvetaambara. A Jaina sect originated from the division of Moolsangh (Digambar). दिगम्बर मान्यतानुसार भगवान महावीर के पश्चात् मूलसंघ दिगम्बर ही था ” बाद में (आज से लगभग दो हजार वर्ष पूर्व) उत्तर भारत में दुर्भिक्ष अकाल पड़ने के कारण कुछ शिथिलाचारी साधुओ ने स्वेताम्बर संघ की स्थापना की “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रोता – Shrotaa. Listeners. धर्म को सुनने वाले पुरुष ” गुण-दोषों की अपेक्षा इनके 14 भेद हैं “
उदयसेन Name of the disciple of ‘Acharya Gunsen-I’. गुणसेन प्रथम के शिष्य तथा नरेन्ट्रसेन के साधर्मी (ई.1098)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतसागरी – Shrutasaagaree. Name of a commentary book on Tattvarthvritti written by Bhattarak Shrutsagar. श्रुतसागर भट्टारक कृत तत्वार्थवृत्ति की टीका का नाम
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष स्वभाव – Vishesha Svabhava. A particular nature of matters (like conscious-ness & unconsciousness etc.). स्वभाव के दो भेदों में एक भेद; चेतन, अचेतन, मर्त, अमर्त आदि १० स्वभाव द्रव्यों के विशेष स्वभाव हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीसंप्रदाय – Shreesampradaaya. The first sect of Vaishnava philosophy of all 4. वैष्णव दर्शन के 4 सम्प्रदायों में प्रथम संप्रदाय ” इस संप्रदाय में विशिष्टाद्वैतवादी है जो रामानंदी भी कहलाते है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संहनन – Sanhanana. Strength of bodily structure or skeleton. हड्डियों के संचय या दृढ़ता को संहनन कहते हैं “
द्विदल Grains (pulse etc.) having two opposite faces alike are called non-edible when mixed with raw milk & curd (prepared from raw milk) etc. दो दल वाले धान्य आदि को कच्चे दूध या कच्चे दूध से निर्मित दही -छाछ के साथ मिलाने पर वह अभक्ष्य द्विदल कहलाता है। वर्तमान में कुछ लोग गर्म प्रासुक दूध…
आत्मवध Suicide. आत्महत्या-स्वयं के द्वारा स्वयं की हत्या करना । जो कि महापाप और दुर्गति का कारण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]