द्वींद्रिय जाति नामकर्म!
द्वींद्रिय जाति नामकर्म A Karmic nature causing birth in the form of two sensed beings. वह कर्म प्रकृति जिसमें द्वींद्रिय जाति प्राप्त हो जैसे- शंख, सीप इत्यादि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वींद्रिय जाति नामकर्म A Karmic nature causing birth in the form of two sensed beings. वह कर्म प्रकृति जिसमें द्वींद्रिय जाति प्राप्त हो जैसे- शंख, सीप इत्यादि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ऊठकोडि़ Three and a half crores. साढ़े तीन करोड़ (पूर्व निमाड़-म.प्र. स्थित सिद्धवरकूट सिद्धक्षेत्र से दो चक्रवर्ती दश कामदेव और साढे तीन करोड़ मुनि मोक्ष पधारे) ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेतविुचय – Hetuvicaya. Right contemplation or acceptance of religious path. धर्मध्यान के 10 भेदों मे अंतिम भेद। तर्क का अनुसरण करना और स्याद्वाद्व का आश्रय लेकर समीचीन मार्ग को ग्रहण करना अथवा उसका चिंतन करना।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हेत्वाभास – Hetvaabhaasa. Fallacy, a false cause. जो हेतु संदेष हंे हव हेत्वाभास हंे इपके अमसंद्व, वरिुद्व, अनैकांतिक, अकिंचित्कर 4 भेद है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हृदय कमल – Hrdaya kamala. Heart, the place of meditation. ध्यान के आश्रयभूत 10 स्थानों मे एक स्थान। पदस्थ ध्यान मे उस बीजाक्षर की स्थापना हृदयकम मे की जाती है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमात्म भावना:See – Parama Advaita.देखें – परम अद्वैत ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विद्वेषण मंत्र – Vidvesana Mantra. Mystical verses for the use of causing mutual contradiction. वशीकरण, मारण, उच्चाटन आदि मन्त्रों में से परस्पर में विद्वेष कराने वाला एक मंत्र “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]हिमवान् (पर्वत) – Himavaan (Parvata). Name of the first Kulachal mountain among 6 of jambudvip (island). जम्बूद्वीप के 7 कुलाचलों मे प्रथम कुलाचल, इसकी ऊॅचाई 100 योजन हैं।
द्वितीयावली A specified time period (related to Avali). उदयावली से ऊपर के आवली प्रमाण काल को द्वितीयावली या प्रत्यावली कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]