विपाक विचय!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपाक विचय – Vipaka Vichaya. Contemplation over worldly peculiarities due to the fruition of karmas. धर्मध्यान के ४ भेदों में चौथा भेद; इसमें कर्मों के विपाक से उत्पन्न सांसारिक विचित्रता का चिंतन किया जाता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपाक विचय – Vipaka Vichaya. Contemplation over worldly peculiarities due to the fruition of karmas. धर्मध्यान के ४ भेदों में चौथा भेद; इसमें कर्मों के विपाक से उत्पन्न सांसारिक विचित्रता का चिंतन किया जाता है “
द्रव्य अप्रतिक्रमण Reverential view for the accepted matters in the past. अतीतकाल में जो परद्रव्यों का ग्रहण किया था, उनको वर्तमान में अच्छा जानना , उनका संस्कार रहना, उनके प्रति ममत्व भाव का होना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दौलतराम Name of Pandits, who wrote a number of books on Jainism. पंडित 1. पदमपुराण, आदिपुराण , हरिवंशपुराण, आदि की वचनिका के कर्ता, क्रियाकोश, अध्यात्म बारहखड़ी आदि के कर्ता, समय- वि. 1777-1829। 2. छीढाला, पदसंग्रह के कर्ता (समय- वि. 1855-1923)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर –Vira Warrior, Brave, One of the 5 names of Lord Mahavira पराक्रमी, वीरता प्रकट करना, भगवन महावीर के ५ नामों में एक नाम “
देहरहितता Bodilessness, the state of salvation (a virtue of Siddha). सिद्ध परमेष्ठी का शरीर से रहित होने का गुण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव त्रिभंगी – Bhava Tribhamgi. Name of a book. औपशमिकादि भाव विषयक एक ग्रंथ “
एकांतानुवृद्धि योगस्थान A vibratory activity in complete development of body in womb. नवीन शरीर धारण के दूसरे समय से लेकर एक समय कम शरीर पर्याप्ति के अन्तर्मुहूर्त समय तक जो योगस्थान हों।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मौखर्य–Maukharya. Talkativeness, Useless talk, garrulity. अनर्थदंड विरति व्रत का एक अतिचार; वृथा बहुत बकवास करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वार्ता – Vaartaa.: Conversation,dialogue,Livelihood with pure conduct observing right duties of life. बातचीत, चर्चा,विशुद्ध आचरणपूर्वक खेती आदि षट्कार्य करके आजीविका चलाना “