नाभांत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाभांत – Nabhamta A city in the south of Vijayardh mountain विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाभांत – Nabhamta A city in the south of Vijayardh mountain विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == विवेक : == नो छादयेन्नापि च लूषयेद् , मानं न सेवेत प्रकाशनं च। न चापि प्राज्ञ: परिहासं कुर्यात् , न चाप्याशीर्वादं व्यागृणीयात्।। —समणसुत्त : २३९ (अमूढ़दृष्टि या विवेकी) किसी के प्रश्न का उत्तर देते समय न तो शास्त्र के अर्थ को छिपाए और न अपसिद्धान्त के द्वारा शास्त्र…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भेरी :A musical instrument used at the beginning of war. युद्ध के लिए प्रस्थान करते समय बजाया जाने वाला वाघ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागास्त्र – Nagastra A type of armament in the form of snake. नागरुप एक अस्त्र, इसे नष्ट करने के लिए गरुड़ अस्त्र का प्रयोग किया जाता है ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजगार बंध – Bhujagara Bandha. Binding of Karma increasingly. जहां पहले थोड़ी कर्म प्रक्रति का बंध होता था फिर अधिक – अधिक बंध हो वह भुजगार बंध है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिफलन – Pratifalana. Results, Consequences. पारिश्रमिक या प्रतिदान “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृषानंद–Mrashanand. Falsity, enjoying with resolution of cheating others. रौद्र ध्यान का भेद; दुसरो के ठगने के लिए झूठ बोलने के संकल्प का बार–बार चिंतवन करना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिजीवी गुण – Pratijeevee Guna. Opposite attributes (lacking qualities). वस्तु के अभाव स्वरूप धर्म को प्रतिजीवी गुण कहते हैं ” जैसे–आत्मा (जीव द्रव्य) में अचेतनत्व और मूर्तत्व नहीं होता हैं एवं पुदगल द्रव्य में चेतनत्व और अमूर्तत्व नहीं होता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोगुप्ति – Manogupti. Controlling of passions and bad thoughts. कलुषता , मोह , राग , द्वेष , आदि अशुभ भावों का परिहार ” मन को अपने अधीन रखना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रताड़ना – Prataadanaa. Harrasment, Scolding, Chiding. पीड़ित करना, सताना “